मकरोनिया रेलवे स्टेशन बदहाल: प्यासे यात्री, अंधेरे में सफर और सुरक्षा के अभाव से बढ़ी परेशानी !

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सागर। मकरोनिया रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। पैसेंजर ट्रेनों से लेकर कई एक्सप्रेस ट्रेनों के स्टॉपेज बढ़ने के बाद स्टेशन पर यात्री दबाव तो बढ़ा, लेकिन मूलभूत सुविधाओं का विस्तार नहीं हो सका। नतीजतन यहां आने वाले यात्रियों को पीने के पानी, सुरक्षा, साफ-सफाई और वाहन पार्किंग जैसी बुनियादी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

सबसे बड़ी समस्या स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सामने आ रही है। देर रात स्टेशन पर पहुंचने वाले यात्रियों को अंधेरे और अव्यवस्थित माहौल के बीच सफर करना पड़ता है। यात्रियों का कहना है कि स्टेशन परिसर और प्लेटफार्मों पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण रात के समय असामाजिक तत्व सक्रिय हो जाते हैं। कई बार यात्रियों से विवाद और छीना-झपटी जैसी घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपी आसानी से भाग निकलते हैं। गंभीर बात यह है कि स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए जीआरपी का स्थायी स्टाफ भी मौजूद नहीं है।

स्टेशन के दोनों प्लेटफार्मों की हालत भी वर्षों से बदहाल बनी हुई है। यहां आज भी दशकों पुराने पत्थरों वाले प्लेटफार्म मौजूद हैं, जिनके बीच का सीमेंट उखड़ चुका है और कई स्थानों पर दरारें पड़ गई हैं। प्लेटफार्म की जर्जर स्थिति के कारण आधुनिक तरीके से सफाई कार्य भी नहीं हो पाता, जिससे गंदगी फैली रहती है। यात्रियों को प्लेटफार्म पर चलने और सामान ले जाने में भी कठिनाई होती है।

यात्रियों का कहना है कि स्टेशन पर लगेज ले जाने की कोई व्यवस्थित सुविधा नहीं है। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के साथ यात्रा करने वालों को भारी सामान लेकर प्लेटफार्म बदलने में काफी परेशानी उठानी पड़ती है। स्टेशन पर पर्याप्त ट्रॉली या अन्य सुविधाओं का भी अभाव बना हुआ है।

मकरोनिया स्टेशन पर खानपान की सुविधाएं भी बेहद सीमित हैं। प्लेटफार्म नंबर-2 पर यात्रियों के लिए चाय, पानी या नाश्ते की कोई व्यवस्था नहीं है, क्योंकि वहां कैंटीन ही नहीं है। केवल प्लेटफार्म नंबर-1 पर एक कैंटीन संचालित है, जिससे दूसरे प्लेटफार्म पर इंतजार कर रहे यात्रियों को भारी दिक्कत होती है। लंबे समय तक ट्रेन का इंतजार करने वाले यात्रियों को खाने-पीने की चीजों के लिए परेशान होना पड़ता है।

भीषण गर्मी के इस मौसम में सबसे गंभीर समस्या पीने के पानी की है। स्टेशन पर यात्रियों के लिए पर्याप्त और व्यवस्थित पानी के प्वाइंट नहीं हैं। कई यात्रियों को ट्रेन यात्रा के दौरान पानी भरने तक की सुविधा नहीं मिल पाती। साफ पेयजल की कमी के कारण लोग निजी दुकानों से महंगे दामों पर पानी खरीदने को मजबूर हैं।

स्टेशन पर स्वच्छता व्यवस्था भी बदहाल बनी हुई है। यात्रियों के लिए बेहतर सुलभ कॉम्प्लेक्स तक उपलब्ध नहीं है। पुराने बने शौचालयों की नियमित सफाई नहीं होने से वहां गंदगी और बदबू की समस्या बनी रहती है। इससे खासकर महिला यात्रियों और वरिष्ठ नागरिकों को अधिक परेशानी उठानी पड़ती है।

स्थानीय नागरिकों और यात्रियों का कहना है कि मकरोनिया स्टेशन उपनगरीय क्षेत्र का महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है और यहां लगातार ट्रेनों के स्टॉपेज बढ़ रहे हैं। इसके बावजूद सुविधाओं का अभाव रेलवे प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है। लोगों ने स्टेशन पर पार्किंग, सुरक्षा, स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई और बेहतर रोशनी की तत्काल व्यवस्था किए जाने की मांग की है।

आईके सिंह ने बताया कि स्टेशन की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए कई बार वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका है। उन्होंने कहा कि पीने के पानी की समुचित व्यवस्था के लिए भी प्रयास किए गए हैं और नई टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराए जाने का आश्वासन मिला है।

स्टेशन मास्टर ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फिलहाल फुट ओवर ब्रिज तक लाइटिंग की व्यवस्था करवाई गई है। आने वाले समय में स्टेशन पर अन्य सुविधाओं में भी सुधार किए जाने की उम्मीद है।

हालांकि यात्रियों का कहना है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। जिस तेजी से मकरोनिया स्टेशन पर यात्रियों की संख्या बढ़ रही है, उसी गति से यहां सुविधाओं का विकास भी होना चाहिए। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में यात्रियों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।

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