वीडी शर्मा की पत्नी डॉ. स्तुति मिश्रा का एक सोशल मीडिया पोस्ट मध्य प्रदेश की राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और महंगाई को लेकर किया गया उनका कटाक्ष कुछ ही घंटों में वायरल हो गया। विपक्ष ने इसे सरकार पर “अपनों का हमला” बताते हुए मुद्दा बना लिया, जिसके बाद स्तुति मिश्रा ने तत्काल सफाई जारी करते हुए अपने बयान को “भविष्य की चेतावनी” और “राष्ट्रीय जिम्मेदारी” से जोड़ दिया।
पूरा मामला शनिवार सुबह शुरू हुआ, जब डॉ. स्तुति मिश्रा ने फेसबुक पर महंगाई और तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर एक पोस्ट साझा की। पोस्ट में उन्होंने लिखा—
“हम उस समय में हैं कि वो दिन दूर नहीं, जब बैंक होम लोन, कार लोन और बिजनेस लोन के साथ पेट्रोल और डीजल लोन भी उपलब्ध कराएगा, वो भी 10 प्रतिशत EMI के साथ। ये दौर बड़ा खराब है इतिहास का, लड़ाई किसी की, युद्ध किसी का और नुकसान आम जनता का।”

पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। लोग इसे केंद्र सरकार की नीतियों और लगातार बढ़ती महंगाई पर भाजपा सांसद परिवार की नाराजगी के रूप में देखने लगे। विपक्षी नेताओं और सोशल मीडिया यूजर्स ने भी इस पोस्ट को लेकर सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया।
वायरल होते ही बदला रुख
जैसे-जैसे पोस्ट पर प्रतिक्रियाएं बढ़ती गईं, मामला राजनीतिक रंग लेने लगा। इसके बाद डॉ. स्तुति मिश्रा ने एक लंबा स्पष्टीकरण जारी किया और कहा कि उनकी पोस्ट को गलत तरीके से पेश किया गया है।
उन्होंने अपनी सफाई में लिखा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे युद्ध और तेल आपूर्ति में कमी के कारण पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है। उनका कहना था कि उनकी पोस्ट उन लोगों के लिए थी जो प्रधानमंत्री के आह्वान और तेल खपत कम करने के नियमों का पालन नहीं कर रहे।
स्तुति मिश्रा ने लिखा कि यदि सभी नागरिक मिलकर ईंधन की खपत कम करने के उपायों का पालन करें तो कीमतों में वृद्धि को रोका जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पोस्ट किसी सरकार, संस्था या व्यक्ति के खिलाफ नहीं थी, बल्कि यह आने वाले संकट को लेकर एक चेतावनी थी।
उन्होंने लोगों से “समझदारी” दिखाने और प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने की अपील भी की।
विपक्ष ने साधा निशाना
डॉ. स्तुति मिश्रा की पहली पोस्ट वायरल होने के बाद विपक्ष को सरकार पर हमला करने का मौका मिल गया। कई नेताओं ने कहा कि अब भाजपा नेताओं के परिवार के लोग भी महंगाई और पेट्रोल-डीजल की कीमतों से परेशान दिखाई दे रहे हैं।
विपक्षी नेताओं ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब सत्ता पक्ष से जुड़े लोग ही महंगाई पर कटाक्ष कर रहे हैं, तो इससे आम जनता की परेशानी का अंदाजा लगाया जा सकता है। कुछ यूजर्स ने इसे “सच्चाई गलती से बाहर आ गई” जैसा मामला बताया।
हालांकि सफाई आने के बाद भाजपा समर्थकों ने भी मोर्चा संभाला और कहा कि पोस्ट को राजनीतिक रंग देकर गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
यह मामला अब केवल एक फेसबुक पोस्ट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया पर बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है। एक वर्ग का कहना है कि स्तुति मिश्रा ने आम जनता की वास्तविक परेशानी को सामने रखा था, क्योंकि लगातार बढ़ती महंगाई से हर वर्ग प्रभावित हो रहा है।
वहीं दूसरा पक्ष इसे अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों से जोड़ते हुए सरकार का बचाव कर रहा है। लोगों का कहना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का असर भारत समेत कई देशों पर पड़ा है।
महंगाई और तेल की कीमतें बनीं बड़ा मुद्दा
देशभर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बनी हुई हैं। ईंधन महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ती है, जिसका असर खाद्य पदार्थों से लेकर रोजमर्रा की वस्तुओं तक पर दिखाई देता है।
ऐसे समय में किसी बड़े राजनीतिक नेता के परिवार से जुड़ी टिप्पणी का वायरल होना स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन गया। खासकर तब, जब बयान में सीधे तौर पर “पेट्रोल-डीजल लोन” जैसी बात कही गई हो।
बीजेपी के लिए असहज स्थिति
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मामला भाजपा के लिए असहज स्थिति पैदा करने वाला साबित हुआ, क्योंकि बयान सीधे तौर पर महंगाई से जुड़ा था। यही कारण रहा कि पोस्ट वायरल होने के तुरंत बाद सफाई जारी करनी पड़ी।
हालांकि भाजपा की ओर से इस पूरे मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस घटना को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
फिलहाल यह विवाद सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा में बना हुआ है और लोग इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।