जबलपुर के धनवंतरी नगर क्षेत्र में एक 28 वर्षीय युवक सुरेंद्र सिंह उर्फ चिंगम की हत्या ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। इस मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर आरोपी उसके कथित दोस्त आयुष यादव (26) को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह हत्या लंबे समय से चल रहे व्यक्तिगत विवाद और आपसी तनाव का परिणाम थी, जिसे पहले आत्महत्या का रूप देने की कोशिश भी की गई थी।

घटना शुक्रवार सुबह सामने आई जब सुरेंद्र का शव उसके किराए के कमरे में संदिग्ध हालत में मिला। शव मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और कुछ ही घंटों में मामले की कड़ी जोड़ते हुए आरोपी तक पहुंच गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि मौत गला दबाने से हुई, जिसमें श्वासनली टूटने के कारण दम घुट गया।
गमछे से गला दबाकर की हत्या, फिर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी आयुष यादव और मृतक सुरेंद्र के बीच लंबे समय से जान-पहचान थी। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने पहले गमछे से सुरेंद्र का गला दबाया और उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने मामले को आत्महत्या दिखाने के लिए मृतक के बाएं हाथ की नस चाकू से काट दी।
संजीवनी नगर पुलिस के अनुसार यह एक सुनियोजित कोशिश थी ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल की जांच ने सच्चाई उजागर कर दी।
आरोपी का दावा: गलत व्यवहार और प्रताड़ना से था परेशान
गिरफ्तार आरोपी आयुष यादव ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह पिछले करीब दो साल से सुरेंद्र के संपर्क में था। उसका आरोप है कि सुरेंद्र उसके साथ कई बार गलत तरीके से व्यवहार करता था और शराब के नशे में उसे प्रताड़ित करता था।

आयुष के अनुसार, वह कई बार इस व्यवहार का विरोध कर चुका था, लेकिन स्थिति नहीं बदली। उसने दावा किया कि सुरेंद्र उसे बार-बार बुलाकर मारपीट और मानसिक रूप से परेशान करता था, जिससे तंग आकर उसने यह कदम उठाया।
हालांकि पुलिस इस बयान की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है और दोनों के बीच वास्तविक संबंधों और घटनाक्रम की गहराई से पड़ताल कर रही है।
घटनास्थल से मिला शुरुआती सुराग
पुलिस के अनुसार घटना की रात सुरेंद्र लालबाबा मंदिर के पास देखा गया था, जहां उसका किसी से विवाद भी हुआ था। इसके बाद वह नशे की हालत में गिरा हुआ मिला, जहां उसके साथ आरोपी आयुष भी मौजूद था।
स्थानीय लोगों ने बताया कि आयुष ने उस समय खुद को सुरेंद्र का दोस्त बताया था और कहा था कि वह अधिक शराब पीने के कारण गिर गया है। इसके बाद उसने लोगों से कहा कि उसे उसके कमरे तक छोड़ दिया जाए।
अगली सुबह जब कमरे में शव मिला, तो मामला संदिग्ध हो गया और पुलिस को सूचना दी गई।
आपराधिक पृष्ठभूमि भी आई सामने
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मृतक सुरेंद्र के खिलाफ पहले से आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। इससे यह मामला और भी जटिल हो गया है, क्योंकि दोनों पक्षों की पृष्ठभूमि संदिग्ध मानी जा रही है।
एएसपी पल्लवी शुक्ला ने बताया कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है, जिसमें व्यक्तिगत रंजिश, आपसी विवाद और अन्य संभावित कारणों को भी शामिल किया गया है।
पुलिस की तेज कार्रवाई
घटना के 24 घंटे के भीतर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और सबूतों के आधार पर हत्या की गुत्थी सुलझा ली। आरोपी को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
जबलपुर की यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि व्यक्तिगत संबंधों में बढ़ता तनाव और गलतफहमियां किस तरह गंभीर अपराध का रूप ले सकती हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि घटना के सभी पहलुओं की सच्चाई सामने आ सके।