वॉशिंगटन में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान और क्षेत्रीय संघर्ष को खत्म करने के लिए एक बड़ा समझौता “लगभग फाइनल” चरण में पहुंच चुका है। ट्रम्प के अनुसार, इस डील पर अंतिम तकनीकी और कूटनीतिक बिंदुओं पर बातचीत चल रही है और जल्द ही इसे अंतिम रूप दिया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि खाड़ी देशों के कई नेताओं और इजरायल के प्रधानमंत्री से बातचीत के बाद शांति समझौते की दिशा में प्रगति हुई है। प्रस्तावित समझौते के तहत सबसे अहम बिंदुओं में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलना है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है।
क्रूड ऑयल की कीमतों पर असर की संभावना
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समुद्री मार्ग दोबारा खुलता है और तनाव कम होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है। यह रास्ता दुनिया की लगभग 20% तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

ट्रम्प के दावे के बाद बाजार में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में क्रूड ऑयल की कीमतों पर दबाव बन सकता है। फिलहाल ब्रेंट क्रूड लगभग 103 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है, लेकिन स्थिति में बदलाव होने पर इसमें नरमी आ सकती है।
खाड़ी देशों और नेताओं से बातचीत
ट्रम्प ने ओवल ऑफिस से एक संयुक्त कॉल के दौरान कई प्रमुख नेताओं से बातचीत की, जिनमें सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद, कतर के अमीर, तुर्की और मिस्र के राष्ट्रपति, जॉर्डन के राजा और पाकिस्तान के सेना प्रमुख शामिल थे। इसके अलावा उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से अलग से चर्चा की।
ईरान का पक्ष
हालांकि ईरान ने अमेरिका पर अविश्वास जताते हुए कहा है कि उसे इस समझौते पर पूरी तरह भरोसा नहीं है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका अपने रुख को बार-बार बदलता रहा है, इसलिए किसी भी समझौते को लेकर पूरी तरह आश्वस्त होना मुश्किल है।
तनाव से शांति तक का सफर
मध्य-पूर्व में तनाव तब बढ़ा था जब सैन्य हमलों और जवाबी कार्रवाई के बाद स्थिति युद्ध जैसी बन गई थी। बाद में अप्रैल में सीजफायर लागू हुआ और तब से शांति वार्ता चल रही है।
अगर यह समझौता सफल होता है तो यह न सिर्फ क्षेत्रीय तनाव कम करेगा बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी बड़ा बदलाव ला सकता है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद है।