सागर।
नौतपा की शुरुआत के साथ ही सागर जिले में गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सोमवार को नौतपा के पहले दिन सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर बना रहा। दिनभर लोगों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा जैसा माहौल दिखाई दिया और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। हालांकि शाम के समय बादलों की हल्की आवाजाही और तेज हवाएं चलने से तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई, लेकिन इससे लोगों को राहत नहीं मिल सकी।
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ 43.6 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री बढ़कर 29.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। रात के तापमान में वृद्धि होने के कारण लोगों को रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में गर्मी का असर और अधिक बढ़ सकता है।
मौसम विभाग ने 29 मई तक जिले में लू चलने का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार अगले 72 घंटों तक अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक तेज गर्म और शुष्क हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। इस दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में पाकिस्तान से होते हुए उत्तर-पूर्वी अरब सागर तक एक ट्रफ लाइन सक्रिय है, जिसका प्रभाव मध्यप्रदेश के कई हिस्सों सहित सागर जिले के मौसम पर भी पड़ रहा है। यह सिस्टम गर्म शुष्क हवाओं और हल्की नम हवाओं के बीच संक्रमण क्षेत्र बना रहा है। इसी कारण दिन में तेज गर्मी और लू का प्रभाव बना रहेगा, जबकि शाम के समय मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है।

सोमवार को दोपहर के समय शहर की सड़कें लगभग सूनी दिखाई दीं। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग घरों और दफ्तरों के भीतर रहने को मजबूर रहे। बाजारों में भी सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ कम नजर आई। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को गर्मी से अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
डॉक्टरों ने भीषण गर्मी और लू को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दोपहर के समय बिना जरूरी काम के घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, हल्के कपड़े पहनना और धूप से बचाव करना जरूरी है। बाहर निकलते समय सिर को कपड़े या टोपी से ढंकने और पानी की बोतल साथ रखने की सलाह दी गई है।
गर्मी का असर अब जनजीवन के साथ-साथ बिजली और पानी की व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। लगातार बढ़ते तापमान के कारण बिजली की मांग में तेजी आई है, वहीं कई क्षेत्रों में पेयजल संकट की स्थिति भी बनने लगी है। प्रशासन द्वारा पेयजल व्यवस्था को लेकर विशेष निगरानी रखी जा रही है और नागरिकों से पानी का दुरुपयोग न करने की अपील की जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी नौतपा का असर साफ दिखाई दे रहा है। खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों को दोपहर के समय भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई गांवों में लोग सुबह और शाम के समय ही जरूरी कार्य कर रहे हैं ताकि तेज धूप और लू से बचा जा सके।
मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल गर्मी से तत्काल राहत मिलने की संभावना कम है। हालांकि शाम के समय हल्के बादल और तेज हवाएं कुछ क्षेत्रों में मौसम बदल सकती हैं, लेकिन इससे तापमान में अधिक गिरावट आने की उम्मीद नहीं है। आने वाले दिनों में नौतपा के कारण गर्मी और अधिक तीखी हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मई के अंतिम सप्ताह में तापमान और बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की आवश्यकता है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकतानुसार अलर्ट जारी किए जा रहे हैं।