सागर जिले के बहुचर्चित शाहपुर दोहरे हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। मामले के मुख्य आरोपी हर्ष उर्फ छोटू लोधी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी वारदात के बाद लगातार फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल, उत्तरप्रदेश तथा बीना क्षेत्र में छिपकर रह रहा था। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर उसे शाहपुर-किंद्रहो मार्ग से गिरफ्तार किया। इस मामले में अब तक कुल 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि 4 आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार यह सनसनीखेज दोहरा हत्याकांड 8 मई की रात को हुआ था। शाहपुर निवासी नीरज प्रजापति (38) अपने साथी सूरज अहिरवार (40) के साथ गढ़ाकोटा से बिजली फिटिंग का सामान लेकर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान बोलेरो वाहन में सवार 10 से 12 लोगों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। आरोपियों को संदेह था कि दोनों युवक शराब बेचने का काम करते हैं। इसी शक के आधार पर आरोपियों ने दोनों के साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी।
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार आरोपियों ने लाठी-डंडों, लोहे की रॉड और लात-घूंसों से दोनों को बुरी तरह पीटा। हमले में नीरज प्रजापति गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही बेहोश हो गया, जबकि सूरज अहिरवार किसी तरह जान बचाकर वहां से भाग निकला। बाद में घायल सूरज को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई।

घटना के बाद आरोपियों ने मामले को सड़क हादसा दिखाने की कोशिश की। नीरज प्रजापति के शव को बरेठा बाबा घाटी के पास सड़क किनारे फेंक दिया गया ताकि पुलिस इसे दुर्घटना मान ले। हालांकि जांच के दौरान पुलिस को मामला संदिग्ध लगा और बाद में यह दोहरे हत्याकांड के रूप में सामने आया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। इसी बीच रविवार को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि मुख्य आरोपी हर्ष उर्फ छोटू लोधी अपने परिवार से मिलने क्षेत्र में आने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हो गई और शाहपुर-किंद्रहो मार्ग पर घेराबंदी की गई।
कुछ देर बाद पुलिस को काले रंग की बोलेरो वाहन दिखाई दी। पुलिस टीम को देखकर आरोपी भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम हर्ष उर्फ छोटू लोधी निवासी किंद्रहो जिला दमोह बताया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी शाहपुर शराब कंपनी का लाइसेंस धारक है और घटना में उसकी मुख्य भूमिका थी।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि वारदात के बाद वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। उसने नेपाल, उत्तरप्रदेश और बीना क्षेत्र में छिपकर फरारी काटी। पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने घटना को सड़क हादसा साबित करने की भी कोशिश की थी।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन, 35 हजार रुपए नकद, वारदात में इस्तेमाल की गई बोलेरो वाहन, लोहे की रॉड और शराब दुकान से संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं। पुलिस अब इन सभी साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे जांच कर रही है।
सानौधा थाना प्रभारी भरत सिंह ठाकुर ने बताया कि इस दोहरे हत्याकांड में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं 4 आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही शेष आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। शराब बेचने के संदेह में इस तरह की बर्बर हत्या को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। स्थानीय नागरिकों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है और फरार आरोपियों को जल्द पकड़ने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि घटना में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा हत्या की साजिश किस स्तर पर रची गई थी।
फिलहाल मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच कर जल्द ही पूरी सच्चाई सामने लाई जाएगी।