जल संकट की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के सख्त निर्देशों के बाद जिलेभर में पेयजल संबंधी शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए प्रशासनिक अमला लगातार मैदानी स्तर पर कार्य कर रहा है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भीषण गर्मी के दौरान ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में किसी भी नागरिक को पेयजल की समस्या का सामना न करना पड़े।
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पेयजल से जुड़ी हर शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए और समय-सीमा में उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में पेयजल की उपलब्धता सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इसी के चलते जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों, जनपद पंचायतों, नगरीय निकायों और संबंधित विभागों को लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसी क्रम में शाहगढ़ ब्लॉक में प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पेयजल समस्या का समाधान कर ग्रामीणों को राहत पहुंचाई। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री नवीन सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में मैदानी अमले ने सक्रियता दिखाते हुए ग्राम नेगुआ में लंबे समय से बनी पेयजल समस्या का तत्काल निराकरण किया।
जानकारी के अनुसार ग्राम नेगुआ से पेयजल संकट को लेकर शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें ग्रामीणों ने बंद पड़े नलकूपों और बाधित जल आपूर्ति की समस्या बताई थी। शिकायत प्राप्त होते ही प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और तकनीकी अमले के साथ समस्या का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान पाया गया कि कुछ नलकूप खराब होने के कारण जलापूर्ति प्रभावित हो रही थी, वहीं बिजली सप्लाई और पाइपलाइन में भी तकनीकी दिक्कतें थीं।
प्रशासन ने बिना देरी किए आवश्यक सुधार कार्य शुरू करवाए। बंद पड़े नलकूपों की मरम्मत कर उन्हें पुनः चालू किया गया। इसके साथ ही बिजली सप्लाई व्यवस्था में सुधार किया गया तथा पाइपलाइन की तकनीकी खराबियों को भी दुरुस्त कराया गया। मरम्मत कार्य पूर्ण होने के बाद गांव में पेयजल आपूर्ति फिर से सुचारू हो गई, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली।
ग्रामीणों ने प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि भीषण गर्मी में पानी की समस्या गंभीर होती जा रही थी, लेकिन शिकायत के तुरंत बाद अधिकारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान किया गया। इससे गांव में फिर से नियमित जल आपूर्ति शुरू हो सकी है।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जिले में जहां-जहां पेयजल संबंधी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, वहां तत्काल टीम भेजकर समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। इसके लिए संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। हैंडपंप सुधार, टैंकर व्यवस्था, पाइपलाइन मरम्मत और बिजली आपूर्ति की निगरानी लगातार की जा रही है।
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों की नियमित जांच की जाए और जहां आवश्यकता हो वहां वैकल्पिक व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में आमजन को राहत पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

जिला प्रशासन द्वारा लगातार की जा रही मॉनिटरिंग और त्वरित कार्रवाई से यह स्पष्ट हो रहा है कि पेयजल संकट से निपटने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है। आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने और किसी भी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।