पेयजल संकट पर प्रशासन अलर्ट, समनापुर खाराग्राम में खराब मोटर सुधारने मौके पर पहुंचे अधिकारी !

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सागर जिले में भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट से निपटने के लिए जिला प्रशासन लगातार सक्रिय बना हुआ है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के सख्त निर्देशों के बाद अधिकारियों द्वारा गांव-गांव जाकर पेयजल व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है और शिकायतों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी क्रम में देवरी क्षेत्र के ग्राम समनापुर खाराग्राम में पेयजल संकट की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत खजुरिया अंतर्गत ग्राम समनापुर खाराग्राम में नलकूप की विद्युत मोटर खराब होने के कारण ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा था। जैसे ही इसकी सूचना प्रशासन तक पहुंची, तत्काल कार्रवाई करते हुए एसडीएम देवरी श्री मुनव्वर खान, जनपद पंचायत देवरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) के एसडीओ संयुक्त रूप से गांव पहुंचे और स्थल निरीक्षण किया।

अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बोरवेल और मोटर की तकनीकी स्थिति का परीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि नलकूप की विद्युत मोटर में तकनीकी खराबी आने से जलापूर्ति बाधित हो गई थी। इसके कारण ग्रामीणों को पेयजल के लिए परेशानी उठानी पड़ रही थी। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद तकनीकी अमले से चर्चा कर समस्या के त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

एसडीएम श्री मुनव्वर खान ने पीएचई विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि मोटर मरम्मत का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि ग्रामीणों को जल्द से जल्द नियमित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि गर्मी के इस मौसम में पेयजल जैसी मूलभूत आवश्यकता में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जनपद पंचायत देवरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देशानुसार जिलेभर में पेयजल स्रोतों की लगातार निगरानी की जा रही है। खराब हैंडपंप, नलकूप और जलापूर्ति से जुड़ी अन्य तकनीकी समस्याओं को चिन्हित कर तत्काल सुधार कार्य कराए जा रहे हैं। प्रशासन का प्रयास है कि किसी भी गांव में पेयजल संकट उत्पन्न न हो और लोगों को समय पर पानी उपलब्ध होता रहे।

अधिकारियों ने बताया कि जिले में ग्रीष्मकाल को ध्यान में रखते हुए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों का नियमित निरीक्षण, मोटरों की जांच, पाइपलाइन सुधार और जलस्रोतों के संधारण का कार्य किया जा रहा है। जहां आवश्यकता पड़ रही है, वहां वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं।

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि पेयजल संबंधी शिकायतों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा है कि किसी भी क्षेत्र से शिकायत मिलने पर अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचें और समय-सीमा में समस्या का समाधान सुनिश्चित करें। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों ने प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि गर्मी के कारण पानी की समस्या गंभीर हो गई थी, लेकिन अधिकारियों द्वारा तुरंत मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करने और मरम्मत कार्य शुरू कराने से राहत की उम्मीद जगी है। ग्रामीणों ने कहा कि समय पर कार्रवाई होने से लोगों को बड़ी परेशानी से बचाया जा सकता है।

जिला प्रशासन द्वारा लगातार किए जा रहे निरीक्षण और त्वरित कार्रवाई से यह स्पष्ट हो रहा है कि पेयजल संकट को लेकर प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आगामी दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना को देखते हुए सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी गांव में पेयजल समस्या उत्पन्न होने पर तत्काल समाधान किया जा सके।

प्रशासन का मानना है कि समय पर निगरानी और त्वरित सुधार कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। इसी उद्देश्य से जिला प्रशासन लगातार मैदानी स्तर पर सक्रिय रहकर आमजन को राहत पहुंचाने के प्रयास कर रहा है।

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