मध्य प्रदेश के उज्जैन में देश की प्रतिष्ठित वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव की गंभीर घटना सामने आई है। सोमवार शाम उज्जैन रेलवे स्टेशन से करीब 200 मीटर दूर गदा पुलिया के पास कुछ अज्ञात युवकों ने चलती ट्रेन पर पत्थर फेंक दिए। इस हमले में ट्रेन के कई कोचों के कांच टूट गए और यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी यात्री को शारीरिक चोट नहीं पहुंची।

घटना सोमवार शाम करीब 7:30 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, वंदे भारत ट्रेन गदा पुलिया और नीलगंगा रेलवे ट्रैक के बीच से गुजर रही थी। इसी दौरान ट्रैक किनारे मौजूद कुछ युवकों ने अचानक ट्रेन पर पथराव शुरू कर दिया। पत्थर इतनी तेजी से फेंके गए कि ट्रेन के कई कोचों के विंडो ग्लास और पिलर ग्लास क्षतिग्रस्त हो गए।
इन कोचों को हुआ नुकसान
रेलवे अधिकारियों के अनुसार पथराव में ट्रेन के कोच C/6, C/7, C/8, C/9, E/1 और E/2 के कांच टूट गए। तेज आवाज और अचानक हुए हमले से यात्रियों में दहशत फैल गई। कई यात्रियों ने सीट छोड़कर सुरक्षित स्थान की ओर जाने की कोशिश की, जिससे कुछ समय के लिए कोचों में अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन के अंदर बैठे लोगों को पहले समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। अचानक कांच टूटने की आवाज सुनकर यात्री घबरा गए। कुछ यात्रियों ने घटना के वीडियो और फोटो भी अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किए।
सीसीटीवी फुटेज में दिखे संदिग्ध युवक
घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में ट्रेन के आने से पहले कुछ संदिग्ध युवक रेलवे ट्रैक के आसपास घूमते हुए दिखाई दे रहे हैं। जैसे ही ट्रेन वहां पहुंची, युवकों ने पथराव शुरू कर दिया और फिर मौके से फरार हो गए।
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) अब इसी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो में कुछ चेहरे स्पष्ट नजर आ रहे हैं, जिनकी मदद से जल्द आरोपियों तक पहुंचने की उम्मीद है।
आरपीएफ और रेलवे पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल की टीम मौके पर पहुंची। उप निरीक्षक जयवीर सिंह ने अपनी टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। हालांकि जब तक पुलिस पहुंची, तब तक आरोपी वहां से भाग चुके थे।

घटना के बावजूद ट्रेन को बीच रास्ते में नहीं रोका गया और वह निर्धारित समय पर आगे रवाना हो गई। बाद में रेलवे पुलिस ने प्रभावित कोचों का निरीक्षण किया और यात्रियों से घटना की जानकारी जुटाई।
आरपीएफ ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रेलवे प्रशासन इस घटना को बेहद गंभीरता से ले रहा है, क्योंकि वंदे भारत जैसी हाई-प्रोफाइल ट्रेन पर हमला सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।
रेलवे सुरक्षा पर उठे सवाल
वंदे भारत ट्रेन देश की आधुनिक और हाईस्पीड ट्रेनों में गिनी जाती है। ऐसे में उस पर पथराव की घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सवाल उठ रहे हैं कि रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा निगरानी कितनी प्रभावी है और असामाजिक तत्व इतनी आसानी से ट्रैक के पास कैसे पहुंच गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई क्षेत्रों में रेलवे ट्रैक के आसपास असामाजिक तत्वों की आवाजाही बनी रहती है, लेकिन निगरानी की कमी के कारण ऐसे मामलों पर रोक नहीं लग पाती।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
देश के कई हिस्सों में ट्रेनों पर पथराव की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। लेकिन वंदे भारत ट्रेन पर हमला होने से मामला और गंभीर हो गया है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि ऐसी घटनाएं यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ रेलवे संपत्ति को भी बड़ा नुकसान पहुंचाती हैं।
रेल प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाई जाएगी और ट्रैक के आसपास निगरानी के लिए अतिरिक्त गश्त कराई जाएगी।
फिलहाल आरपीएफ सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय इनपुट के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही पथराव करने वाले युवकों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।