दमोह (मध्य प्रदेश):
दमोह जिले में नौतपा के चौथे दिन भी भीषण गर्मी का असर लगातार बना रहा, जहां अधिकतम तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसी बीच जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ली और लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली। यहां करीब एक घंटे तक झमाझम बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम सुहावना हो गया।
तेंदूखेड़ा ब्लॉक के तारादेही गांव में शाम लगभग 4:30 बजे अचानक आसमान में काले बादल छा गए और कुछ ही देर में तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के साथ छोटे-छोटे ओले भी गिरे, जिससे खेतों और गलियों में ठंडक फैल गई। तेज धूप और लू के बीच अचानक आए इस बदलाव ने लोगों को राहत की सांस दी।
ग्रामीणों के अनुसार, दिनभर तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित था, लेकिन अचानक हुई बारिश ने पूरे इलाके का माहौल बदल दिया। कई लोग बारिश में भीगकर मौसम का आनंद लेते नजर आए, जबकि कुछ लोग सुरक्षित स्थानों पर रुककर खुद को बचाते दिखे।

हालांकि, दमोह शहर में मौसम का यह बदलाव नहीं दिखा। शहरी क्षेत्र में आसमान साफ रहा और पूरे दिन तेज धूप व गर्म हवाएं चलती रहीं। इससे शहरवासियों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग घरों या दुकानों में ही ठंडे पेय पदार्थों का सेवन कर गर्मी से राहत पाने की कोशिश करते रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार नौतपा के दौरान मौसम में अस्थिरता देखने को मिल रही है। तेंदूखेड़ा क्षेत्र में पहले भी इसी तरह बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई थी। जानकारी के अनुसार, नौतपा के पहले दिन भी यहां तेज बारिश हुई थी, जबकि सोमवार को भी लगभग एक घंटे तक बारिश और ओले गिरने की घटना सामने आई थी।

इसके विपरीत जिले के अन्य हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहा और तापमान 45 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। लगातार बढ़ती गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा है, वहीं स्थानीय लोग बारिश को अस्थायी राहत के रूप में देख रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, इस तरह की स्थिति में स्थानीय स्तर पर बनने वाले बादल और नमी के कारण अचानक बारिश और ओलावृष्टि की घटनाएं हो सकती हैं। हालांकि यह राहत अल्पकालिक होती है और कुछ ही समय में तापमान फिर तेजी से बढ़ जाता है।
फिलहाल तेंदूखेड़ा में हुई बारिश से जहां किसानों और ग्रामीणों ने राहत महसूस की है, वहीं दमोह शहर में लोग अब भी भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं। यह असमान मौसम पैटर्न जिले में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।