इंदौर के गांधी नगर थाना क्षेत्र में एक सिलाई कारीगर द्वारा जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में पड़ोसी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का प्रकरण दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि आरोपी लंबे समय से उन्हें धमका रहा था और पहले भी मारपीट कर चुका था। लगातार प्रताड़ना और मानसिक तनाव के कारण कारीगर ने यह आत्मघाती कदम उठाया।
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान शंकर कॉलोनी निवासी 55 वर्षीय गजानंद सोलंकी पुत्र नाथूसिंह सोलंकी के रूप में हुई है। गजानंद सिलाई का काम करते थे और अपने परिवार का पालन-पोषण इसी काम से करते थे। बताया जा रहा है कि 26 मई को उन्होंने घर के पीछे स्थित खेत में जहरीला पदार्थ खा लिया था। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें तत्काल इलाज के लिए अरबिंदो अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद गांधी नगर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। शुरुआती जांच में आत्महत्या के पीछे पड़ोसी द्वारा की जा रही प्रताड़ना का मामला सामने आया। पुलिस ने मृतक की पत्नी शारदा सोलंकी और दोनों बेटों के बयान दर्ज किए। परिजनों ने बताया कि पड़ोस में रहने वाला मेहताब बड़ोले पिछले कई महीनों से गजानंद को परेशान कर रहा था।

परिवार ने पुलिस को बताया कि 10 मई को आरोपी मेहताब ने गजानंद के साथ मारपीट की थी। इस हमले में गजानंद गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उनके सिर में करीब 10 टांके आए थे। उस समय भी मामले की शिकायत गांधी नगर थाने में दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में वह जमानत पर रिहा हो गया।
परिजनों का आरोप है कि जमानत पर बाहर आने के बाद आरोपी का व्यवहार और आक्रामक हो गया। वह लगातार गजानंद को धमकाने लगा था। मृतक के बेटों ने बयान में कहा कि आरोपी अक्सर सार्वजनिक रूप से उनके पिता का अपमान करता था और डराने-धमकाने की कोशिश करता था। इसी वजह से गजानंद मानसिक रूप से टूटने लगे थे।
परिवार के मुताबिक गजानंद इतने भयभीत हो चुके थे कि उन्होंने घर से बाहर निकलना भी लगभग बंद कर दिया था। वे हमेशा तनाव में रहते थे और चुप-चुप रहने लगे थे। पड़ोसी की धमकियों के कारण पूरे परिवार में डर का माहौल था। लगातार मानसिक दबाव और प्रताड़ना ने अंततः उन्हें ऐसा कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया।
पुलिस ने परिजनों के बयानों और जांच के आधार पर आरोपी मेहताब बड़ोले के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। गुरुवार रात पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया। मामले में आगे की जांच जारी है।
इस घटना के बाद इलाके में भी चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटी-छोटी रंजिशें अब गंभीर घटनाओं का रूप लेती जा रही हैं। पड़ोसियों के बीच विवाद और धमकी जैसी घटनाएं कई बार लोगों को मानसिक रूप से इतना परेशान कर देती हैं कि वे गलत कदम उठा लेते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार मानसिक प्रताड़ना भी किसी व्यक्ति को गहरे अवसाद में धकेल सकती है। ऐसे मामलों में समय रहते कानूनी मदद और सामाजिक समर्थन बेहद जरूरी होता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है और यदि जांच में अन्य तथ्य सामने आते हैं तो आगे और धाराएं भी बढ़ाई जा सकती हैं।
फिलहाल गजानंद सोलंकी की मौत के बाद उनका परिवार सदमे में है। सिलाई का काम कर परिवार चलाने वाले गजानंद के निधन से घर की आर्थिक स्थिति पर भी संकट खड़ा हो गया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और आरोपी से पूछताछ जारी है।