सागर। जिले में राजस्व संबंधी मामलों के त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध निराकरण के उद्देश्य से 1 जून से 30 जून 2026 तक विशेष राजस्व अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने अभियान के प्रभावी संचालन के लिए जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदारों और राजस्व अमले को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे राजस्व संबंधी लंबित प्रकरणों का सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करें।
कलेक्टर ने कहा है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक तभी प्रभावी रूप से पहुंच सकता है, जब राजस्व अभिलेख अद्यतन और त्रुटिरहित हों। इसी उद्देश्य से पूरे जिले में विशेष अभियान चलाकर राजस्व सेवाओं को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाया जा रहा है।
सभी ग्रामों में होगा विशेष बी-1 वाचन
विशेष अभियान के दौरान जिले के सभी गांवों में बी-1 वाचन की कार्यवाही कराई जाएगी। इस प्रक्रिया के तहत राजस्व अभिलेखों का सार्वजनिक वाचन कर ग्रामीणों को उनकी भूमि संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने निर्देश दिए हैं कि बी-1 वाचन के दौरान यदि किसी प्रकार की त्रुटि, आपत्ति या विसंगति सामने आती है तो उसका तत्काल परीक्षण कर नियमानुसार निराकरण किया जाए। इससे भूमि अभिलेखों में पारदर्शिता बढ़ेगी और भविष्य में विवादों की संभावना कम होगी।
फौती नामांतरण के लंबित मामलों का होगा निराकरण
अभियान के दौरान फौती नामांतरण से संबंधित सभी लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। कई मामलों में वारिसों के नाम भूमि दर्ज नहीं होने के कारण किसानों और परिवारों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा है कि ऐसे सभी प्रकरणों का समयबद्ध और नियमसम्मत निराकरण सुनिश्चित किया जाए ताकि हितग्राहियों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
फार्मर रजिस्ट्री का कार्य होगा पूर्ण
विशेष राजस्व अभियान के दौरान जिले के सभी भू-धारकों की फार्मर रजिस्ट्री का कार्य भी पूरा किया जाएगा। यह प्रक्रिया किसानों का अद्यतन डाटाबेस तैयार करने और उन्हें विभिन्न कृषि एवं कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले का कोई भी पात्र किसान फार्मर रजिस्ट्री से वंचित न रहे और उसे शासन की योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
पीएम किसान योजना के हितग्राहियों की शत-प्रतिशत ई-केवाईसी
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत सभी पात्र किसानों की ई-केवाईसी प्रक्रिया को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ई-केवाईसी नहीं होने के कारण कई किसान योजना की किस्तों से वंचित रह जाते हैं।
अभियान के दौरान राजस्व एवं संबंधित विभागों के कर्मचारी गांव-गांव जाकर किसानों की ई-केवाईसी पूर्ण कराएंगे, जिससे पात्र किसानों को बिना किसी बाधा के योजना का लाभ प्राप्त हो सके।
लघु सिंचाई संगणना कार्य में लाई जाएगी तेजी
विशेष अभियान में लघु सिंचाई संगणना से संबंधित कार्यों को भी शामिल किया गया है। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि सभी लंबित प्रविष्टियां और आंकड़ों का संकलन निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किया जाए।
यह जानकारी भविष्य की सिंचाई योजनाओं और कृषि विकास की रणनीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
साइबर तहसील 2.0 के आवेदनों का होगा त्वरित निराकरण
कलेक्टर ने साइबर तहसील 2.0 के तहत प्राप्त आवेदनों के शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर भी विशेष जोर दिया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नागरिकों द्वारा ऑनलाइन प्रस्तुत किए गए आवेदनों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
साथ ही यह भी निर्देश दिए गए हैं कि प्रकरणों में बिना पर्याप्त कारण के नकारात्मक प्रतिवेदन प्रस्तुत न किए जाएं। शासन के निर्देशों और प्रचलित नियमों के अनुरूप सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रकरणों का निराकरण किया जाए।
लंबित मामलों की होगी नियमित समीक्षा
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें और उनके निराकरण की प्रगति पर लगातार नजर रखें।
उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग आम नागरिकों से सीधे जुड़ा हुआ विभाग है और इसकी कार्यप्रणाली का प्रभाव लोगों के दैनिक जीवन पर पड़ता है। इसलिए राजस्व मामलों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
आमजन को मिलेगा सीधा लाभ
विशेष राजस्व अभियान से किसानों, भू-धारकों और आम नागरिकों को सीधे तौर पर लाभ मिलने की उम्मीद है। अभियान के माध्यम से भूमि अभिलेखों में सुधार, नामांतरण, किसान पंजीयन और विभिन्न योजनाओं से जुड़े लंबित कार्यों का समाधान तेजी से किया जा सकेगा।
जिला प्रशासन का मानना है कि इस अभियान से राजस्व सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी, नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान होगा और शासन की योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी तरीके से पात्र हितग्राहियों तक पहुंच सकेगा।