सागर संभाग की सभी आईटीआई में शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करें : कमिश्नर अनिल सुचारी !

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सागर, सागर संभाग के कमिश्नर श्री अनिल सुचारी ने संभाग की सभी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं (आईटीआई) में शत-प्रतिशत सीटों पर प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास युवाओं के भविष्य को संवारने का महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए सभी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में उपलब्ध सीटों पर अधिकतम छात्र-छात्राओं का प्रवेश कराया जाए तथा उन्हें गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए।

कमिश्नर श्री सुचारी ने यह निर्देश औद्योगिक विभाग, उद्योग विभाग, सामाजिक न्याय विभाग तथा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं की संयुक्त समीक्षा बैठक के दौरान दिए। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं, कौशल विकास कार्यक्रमों और औद्योगिक विकास से संबंधित गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में आईटीआई प्रवेश प्रक्रिया की समीक्षा के दौरान कमिश्नर ने पाया कि सागर संभाग के टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में प्रवेश के लिए पंजीयन अपेक्षाकृत कम है। इस पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि युवाओं और अभिभावकों को तकनीकी शिक्षा के महत्व से अवगत कराया जाए तथा विद्यालयों, महाविद्यालयों और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक विद्यार्थियों को आईटीआई में प्रवेश के लिए प्रेरित किया जाए।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों में तकनीकी प्रशिक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका है। आईटीआई में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं के लिए उद्योगों में रोजगार प्राप्त करने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इसलिए अधिकारियों को प्रवेश प्रक्रिया को गंभीरता से लेते हुए लगातार प्रयास करना चाहिए।

कमिश्नर ने सभी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं की कार्यकारी समितियों की नियमित बैठकें आयोजित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि समितियों की बैठकों में लिए गए निर्णयों का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए ताकि संस्थाओं के संचालन और प्रशिक्षण की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो सके।

बैठक में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की जिलेवार समीक्षा भी की गई। समीक्षा के दौरान कमिश्नर ने पाया कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के क्रियान्वयन में पन्ना जिले की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और पात्र हितग्राहियों तक इसका लाभ पहुंचाया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की महत्वपूर्ण पहल है। योजना के माध्यम से प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं, इसलिए अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को योजना से जोड़ना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने कहा कि संभाग के सभी जिलों में योजना का परिणाममूलक और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जाए तथा उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ दिलाकर नए उद्यम स्थापित करने में सहायता प्रदान की जाए।

बैठक में सागर संभाग के औद्योगिकीकरण को गति देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी समीक्षा की गई। कमिश्नर ने कहा कि संभाग में निवेश और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटन सहित सभी आवश्यक सुविधाएं सरल और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएं।

उन्होंने कहा कि उद्योगों की स्थापना से न केवल क्षेत्र का आर्थिक विकास होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। बैठक में विभिन्न औद्योगिक समूहों द्वारा संभाग के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थापित किए जा रहे उद्योगों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

सामाजिक न्याय विभाग की समीक्षा के दौरान कमिश्नर ने दिव्यांग विवाह योजना एवं कल्याणी विवाह योजना के क्रियान्वयन की स्थिति का आकलन किया। उन्होंने पाया कि पन्ना और निवाड़ी जिलों में इन योजनाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं है। इस पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन जिलों में भी अन्य जिलों के समान योजनाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए।

कमिश्नर ने कहा कि शासन की सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार कर लोगों को योजनाओं की जानकारी दी जाए, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवार इनका लाभ उठा सकें।

बैठक में सागर संभाग में प्रस्तावित फूड पार्क परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फूड पार्क स्थापना से संबंधित कार्यों में तेजी लाई जाए, जिससे कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिले और किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके।

बैठक में उद्योग विभाग, सामाजिक न्याय विभाग तथा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कमिश्नर ने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और संभाग के समग्र विकास को गति देने के निर्देश दिए।

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