छतरपुर (मध्य प्रदेश)। जिले के सरवई थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गोहानी में संपत्ति विवाद ने गंभीर हिंसक रूप ले लिया, जहां एक ही परिवार के भीतर विवाद इतना बढ़ गया कि बुजुर्ग माता-पिता और चार बहनों के साथ मारपीट की घटना सामने आई। आरोप है कि सगे भाइयों और उनकी भाभी ने धारदार हथियारों, लाठी और ईंटों से हमला कर परिवार के सदस्यों को गंभीर रूप से घायल कर दिया।

पीड़ित पक्ष के अनुसार, उत्तर प्रदेश के बांदा से मायके आईं चार बहनें—सावित्री सिंह, गुड़िया, गौरी और रेनू—जब अपने माता-पिता की स्थिति देखने पहुंचीं, तब विवाद और उग्र हो गया। 31 मई को कथित रूप से भाई भीम सिंह, कल्लू सिंह, भाभी प्रभा सिंह तथा अन्य परिजनों ने पहले बुजुर्ग पिता के साथ मारपीट की, और जब बहनों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो उन पर भी हमला कर दिया गया। इस हमले में चारों बहनें गंभीर रूप से घायल हो गईं और उन्हें जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है और पीड़ित परिवार ने सुरक्षा की मांग करते हुए छतरपुर कलेक्टर और एसपी को आवेदन सौंपा है। उनका आरोप है कि पुलिस ने मामले में प्रभाव में आकर केवल हल्की धाराएं लगाई हैं, जिससे आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़ित पक्ष भय के माहौल में जी रहा है।

पीड़ितों ने यह भी गंभीर आशंका जताई है कि आरोपी पक्ष बुजुर्ग माता-पिता से दबाव या धोखे में दस्तखत करवाकर कृषि भूमि और मकान की फर्जी रजिस्ट्री कराने की कोशिश कर सकता है। इस डर के कारण पीड़ित परिवार अपने पैतृक घर में वापस जाने से भी बच रहा है।
दूसरी ओर, पुलिस ने मामले में दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर क्रॉस FIR दर्ज की है। सरवई थाना प्रभारी राहुल तिवारी के अनुसार, एक पक्ष की शिकायत पर पांच लोगों और दूसरे पक्ष की शिकायत पर दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर संपत्ति विवादों में बढ़ती पारिवारिक हिंसा और पुलिस कार्रवाई पर उठ रहे सवालों को उजागर कर दिया है। स्थानीय स्तर पर लोग इस मामले को लेकर चर्चा में हैं और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय और सुरक्षा मिल सके।