सागर। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित 30 दिवसीय ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर ‘अरोह-2026’ का शनिवार को खेल परिसर सागर के हॉकी टर्फ मैदान में समारोहपूर्वक समापन हुआ। एक माह तक चले इस शिविर में जिले भर के 1673 खिलाड़ियों ने भाग लेकर विभिन्न खेलों की बारीकियां सीखीं और अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर प्राप्त किया। समापन समारोह में खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन का सम्मान किया गया तथा खेलों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक सरोकारों का भी संदेश दिया गया।
संचालनालय खेल एवं युवा कल्याण मध्यप्रदेश, भोपाल के निर्देशानुसार आयोजित इस शिविर की शुरुआत 5 मई 2026 को हुई थी। जिला मुख्यालय सागर में 15 खेलों तथा जिले के विकासखंड मुख्यालयों में दो खेलों का प्रशिक्षण दिया गया। एक माह तक चले इस आयोजन का समापन 6 जून को शाम 5:30 बजे बड़ी संख्या में खिलाड़ियों, अभिभावकों और खेल प्रेमियों की उपस्थिति में हुआ।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवेन्द्र सिंह ठाकुर रहे। कार्यक्रम में संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय विभाग डी.एस. यादव, मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वैज्ञानिक सुनीता झौरे, वरिष्ठ समाजसेवी वीनू राणा, जिला मलखंब संघ के अध्यक्ष मोहित भल्ला सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इसके अलावा जिला कुश्ती संघ के उपाध्यक्ष नरेन्द्र सोनी, रंग कला मंच के असरार खान, प्रतिभा तिवारी, अपूर्वा भदौरिया, संदीप कुमार सांडिल्य और श्वेता नेमा भी समारोह में शामिल हुए।

पर्यावरण दिवस पर लगाया गया पौधा
कार्यक्रम की शुरुआत विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में पौधरोपण से हुई। अतिथियों ने खेल परिसर में पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके बाद हॉकी मैदान पर खिलाड़ियों ने राज तिवारी के मार्गदर्शन में आकर्षक जुम्बा डांस की प्रस्तुति दी, जिसने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया।
इसके पश्चात अतिथियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया और कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया। जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी प्रदीप अबिद्रा ने सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। प्रशिक्षकों द्वारा भी अतिथियों का सम्मान किया गया।
15 खेलों में मिला प्रशिक्षण
जिला खेल अधिकारी प्रदीप अबिद्रा ने शिविर की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सागर मुख्यालय में बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, हॉकी, फुटबॉल, कबड्डी, एथलेटिक्स, कुश्ती, लॉन टेनिस, योगासन, खो-खो, मलखंब, ताइक्वांडो, कूडो, बैडमिंटन और टेबल टेनिस सहित 15 खेलों का प्रशिक्षण दिया गया।
उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय पर लगभग 1019 खिलाड़ियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया, जबकि जिले के अन्य 10 विकासखंडों में 654 खिलाड़ियों ने भागीदारी की। इस प्रकार कुल 1673 खिलाड़ियों ने शिविर में हिस्सा लेकर खेल कौशल विकसित किया।
मलखंब प्रदर्शन ने बांधा समां

कार्यक्रम के दौरान विभागीय प्रशिक्षक श्यामलाल पाल के मार्गदर्शन में खिलाड़ियों ने मलखंब का शानदार प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों की संतुलन क्षमता, लचीलापन और साहसिक करतबों ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रदर्शन को खूब सराहना मिली और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया गया।
खिलाड़ियों को खेलों से जुड़े रहने का संदेश
मुख्य अतिथि देवेन्द्र सिंह ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व निर्माण का भी महत्वपूर्ण साधन हैं। उन्होंने कहा कि खेल प्रशिक्षक प्रतिभाओं को निखारने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं और खेल विभाग द्वारा आयोजित समर कैंप युवा खिलाड़ियों के भविष्य निर्माण में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। मध्यप्रदेश के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों से खेलों से निरंतर जुड़े रहने और अपने लक्ष्य की ओर समर्पण भाव से आगे बढ़ने का आह्वान किया।
श्रेष्ठ खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का सम्मान
समापन समारोह में प्रत्येक खेल से दो-दो सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का चयन कर उन्हें सम्मानित किया गया। साथ ही खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने वाले सभी प्रशिक्षकों को भी सम्मान प्रदान किया गया। मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा पर्यावरण संबंधी गतिविधियों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
खेलों के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियां भी
‘अरोह-2026’ केवल खेल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहा। शिविर के दौरान खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए कई सामाजिक, सांस्कृतिक और प्रेरणात्मक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इसमें विशेष योग शिविर, खेल विषयक पेंटिंग प्रतियोगिताएं, मोटिवेशनल सत्र, मेडिटेशन कार्यक्रम, स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियां तथा सामाजिक न्याय विभाग द्वारा नशा मुक्ति अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों ने खिलाड़ियों को जानकारी दी। खास बात यह रही कि विभिन्न गतिविधियों में खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके अभिभावकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और उन्हें भी सम्मानित किया गया।
सफल आयोजन में कई लोगों का रहा योगदान
कार्यक्रम के अंत में जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी प्रदीप अबिद्रा ने सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन माय एफएम सागर के आरजे राम ने किया।
समारोह को सफल बनाने में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों, खेल प्रशिक्षकों, विभागीय कर्मचारियों तथा स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एक माह तक चले इस खेल महोत्सव ने खिलाड़ियों को खेल कौशल के साथ अनुशासन, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का भी संदेश दिया, जिससे ‘अरोह-2026’ खिलाड़ियों के लिए यादगार बन गया।