सागर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण का संदेश देते हुए मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की नवांकुर संस्था ए.व्ही.एस. शिक्षा एवं समाजोत्थान समिति द्वारा संचालित दयोदय गोशाला परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समिति के पदाधिकारियों, समाजसेवियों, शिक्षकों एवं गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को वृक्षों के महत्व के प्रति जागरूक करना तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना था। इस अवसर पर विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए और उनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी निर्धारित की गई। उपस्थित अतिथियों ने पौधारोपण करते हुए संदेश दिया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित रखना भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ता प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, वैश्विक तापमान में वृद्धि तथा प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन मानव जीवन के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण सबसे सरल, प्रभावी और स्थायी उपायों में से एक है। वृक्ष वातावरण को शुद्ध करने, कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण करने, ऑक्सीजन उपलब्ध कराने और जैव विविधता को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

समिति के पदाधिकारी एवं वरिष्ठ समाजसेवी श्री सुबोध सतभैया ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं बल्कि सतत चलने वाली सामाजिक जिम्मेदारी है। यदि प्रत्येक व्यक्ति वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे तो आने वाले समय में पर्यावरणीय चुनौतियों का प्रभाव काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं और विद्यार्थियों से विशेष रूप से पौधारोपण अभियानों में भाग लेने की अपील की।
कार्यक्रम में शिक्षक अनिल जैन सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि वृक्ष मानव जीवन का आधार हैं। वृक्षों के बिना स्वच्छ हवा, पर्याप्त वर्षा और संतुलित पर्यावरण की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की आवश्यकता है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
दयोदय गोशाला परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में पौधारोपण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा भी की गई। उपस्थित नागरिकों को जल संरक्षण, स्वच्छता, जैव विविधता संरक्षण और हरित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण ही नहीं बल्कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य में निवेश भी है।

कार्यक्रम में समिति द्वारा संचालित विद्यालय के प्राचार्य श्री आनंद कुमार जैन ने कहा कि विद्यार्थियों में बचपन से ही पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना आवश्यक है। यदि बच्चों को वृक्षों और प्रकृति के महत्व की जानकारी दी जाए तो वे भविष्य में पर्यावरण संरक्षण के मजबूत प्रहरी बन सकते हैं।
इस अवसर पर रवि कुमार जैन, प्रवीण चौधरी, कैलाश चंद बजाज, दीपक जैन, विनय सेन, लखन तिवारी, संतोष चढ़ार, वैजनाथ चढ़ार, श्रीराम पटेल, काशीराम पटेल सहित अनेक समाजसेवी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने पौधे लगाकर उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने यह भी संकल्प लिया कि वे अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करेंगे। साथ ही प्रत्येक वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस सहित अन्य अवसरों पर पौधारोपण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।
अंत में समिति की ओर से सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। आयोजकों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए ऐसे कार्यक्रम भविष्य में भी निरंतर आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज में प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़े तथा अधिक से अधिक लोग हरित और स्वच्छ वातावरण के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर सकें।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह पौधारोपण कार्यक्रम न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने में सफल रहा, बल्कि समाज को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बना।