ग्वालियर शहर में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक 60 वर्षीय व्यापारी पर अपनी ही 12 वर्षीय पोती के साथ अश्लील हरकतें करने का आरोप लगा है। पीड़ित बच्ची ने अपनी मां को बताया कि पिछले चार महीनों से उसका दादा उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। वह मोबाइल पर अश्लील वीडियो दिखाकर उसे गलत बातें सिखाने की कोशिश करता था और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देता था। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी फिलहाल फरार है और उसकी तलाश की जा रही है।
पुलिस के अनुसार पीड़िता के माता-पिता का वर्ष 2023 में तलाक हो गया था। अदालत के आदेश के बाद बच्ची की कस्टडी उसके पिता को मिली थी। इसके बाद वह ग्वालियर में अपने पिता, दादा और दादी के साथ रह रही थी। बच्ची की मां गुजरात के सूरत शहर में ज्योतिषाचार्य के रूप में कार्य करती हैं। अदालत ने मां को समय-समय पर बेटी से मिलने की अनुमति दी हुई थी।
बताया गया है कि मार्च 2026 में स्कूलों की गर्मी की छुट्टियां शुरू होने पर मां ग्वालियर आई और अपनी बेटी को अपने साथ सूरत ले गई। वहां पहुंचने के बाद मां ने महसूस किया कि बेटी का व्यवहार सामान्य नहीं है। वह बेहद डरी हुई, गुमसुम और तनावग्रस्त दिखाई दे रही थी। पहले तो मां ने इसे पढ़ाई और परीक्षा के दबाव का असर समझा, लेकिन जब कई दिनों तक उसकी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया तो उन्होंने बेटी से विस्तार से बातचीत की।

मां के लगातार समझाने और भरोसा दिलाने पर बच्ची भावुक हो गई और फूट-फूटकर रोने लगी। इसके बाद उसने अपने साथ हुई कथित घटनाओं की जानकारी मां को दी। बच्ची ने बताया कि पिछले लगभग चार महीनों से उसके दादा उसके साथ अनुचित व्यवहार कर रहे थे। वह अक्सर शराब पीने के बाद उसे अपने पास बुलाते थे और अश्लील हरकतें करते थे।
पीड़िता के अनुसार आरोपी उसे मोबाइल फोन में अश्लील वीडियो दिखाता था और कहता था कि वह बड़ी हो रही है, इसलिए उसे यह सब सीखना चाहिए। बच्ची ने आरोप लगाया कि कई बार आरोपी उसे गोद में बैठाता था और उसके शरीर को गलत तरीके से छूता था। जब वह विरोध करती थी तो उसे धमकाया जाता था और चुप रहने के लिए मजबूर किया जाता था।
बच्ची ने अपनी मां को बताया कि आरोपी ने कई बार उसे जान से मारने की धमकी भी दी। उसने कहा था कि यदि उसने किसी को भी इस बारे में बताया तो उसे नुकसान पहुंचाया जाएगा और उसकी मां से मिलने भी नहीं दिया जाएगा। इन धमकियों के कारण बच्ची लंबे समय तक मानसिक दबाव में रही और किसी से कुछ नहीं कह सकी।
बेटी की आपबीती सुनकर मां स्तब्ध रह गईं। उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस से संपर्क किया और अपने पूर्व ससुर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। चूंकि शिकायत सूरत में की गई थी, इसलिए वहां की पुलिस ने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए जीरो एफआईआर दर्ज की और केस डायरी ग्वालियर पुलिस को भेज दी। इसके बाद जनकगंज थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू की।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नाबालिग के बयान और शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट तथा अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कथित घटनाएं किन परिस्थितियों में हुईं और क्या परिवार के अन्य सदस्यों को इस बारे में कोई जानकारी थी।

यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं बल्कि समाज के लिए गंभीर चेतावनी भी है। बाल अधिकार विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के साथ होने वाले यौन शोषण के अधिकांश मामलों में आरोपी कोई परिचित, रिश्तेदार या परिवार का सदस्य ही होता है। ऐसे मामलों में बच्चे अक्सर भय, शर्म और धमकी के कारण लंबे समय तक चुप रहते हैं। इसलिए माता-पिता और अभिभावकों को बच्चों के व्यवहार में आने वाले बदलावों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि कोई बच्चा अचानक चुप रहने लगे, डरा हुआ दिखाई दे, लोगों से दूरी बनाने लगे या मानसिक तनाव के संकेत दे, तो उसके साथ संवेदनशीलता से बातचीत करनी चाहिए। बच्चों को यह विश्वास दिलाना भी जरूरी है कि वे किसी भी परेशानी के बारे में बिना डर के अपने माता-पिता या विश्वसनीय व्यक्ति से बात कर सकते हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कई और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना है।