जबलपुर में भारतीय जनता पार्टी की महिला नेता संगीता रजक की गोली लगने से हुई मौत ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। प्रारंभिक जांच में यह मामला दुर्घटनावश गोली चलने का बताया जा रहा है, लेकिन घटना की परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। देर रात घर के बाहर हुए विवाद के दौरान लाइसेंसी पिस्टल से चली गोली संगीता रजक के पेट में जा लगी, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना रांझी थाना क्षेत्र के न्यू शोभापुर इलाके की है। बताया जा रहा है कि शनिवार देर रात करीब एक से दो बजे के बीच संगीता रजक और उनके परिवार के लोग घर पर मौजूद थे। इसी दौरान घर के बाहर कुछ लोगों के बीच गाली-गलौज और शोर-शराबा हो रहा था। आवाज सुनकर संगीता रजक अपने पति बंटी रजक के साथ घर से बाहर निकलीं और वहां मौजूद लोगों को समझाने तथा विवाद शांत कराने का प्रयास किया।
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, जब पति-पत्नी ने शोर मचा रहे लोगों को फटकार लगाई तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसी बीच संगीता रजक घर के अंदर गईं और अपनी लाइसेंसी पिस्टल लेकर बाहर लौट आईं। माना जा रहा है कि स्थिति को नियंत्रित करने और खुद की सुरक्षा के उद्देश्य से उन्होंने हथियार निकाला था। लेकिन इसी दौरान हड़बड़ाहट में पिस्टल का ट्रिगर दब गया और गोली सीधे उनके पेट में जा लगी।

गोली लगते ही संगीता रजक जमीन पर गिर पड़ीं। परिवार के लोग और आसपास मौजूद लोग तुरंत उन्हें उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे। गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें हैदराबाद ओमेगा अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद डॉक्टर उनकी जान नहीं बचा सके। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही रांझी थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए गए हैं। पुलिस परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी एकत्र कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में मामला दुर्घटनावश गोली चलने का प्रतीत हो रहा है, लेकिन जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। इसलिए घटना से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि देर रात घर के बाहर विवाद किस कारण से हो रहा था और वहां मौजूद लोग कौन थे।
जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। बताया गया है कि कुछ समय पहले अज्ञात बदमाशों ने संगीता रजक के घर के बाहर बम फेंके थे और उनकी कार में भी तोड़फोड़ की थी। इस घटना की शिकायत उनके पति बंटी रजक ने पुलिस में दर्ज कराई थी। ऐसे में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं वर्तमान घटना का कोई संबंध पुरानी घटनाओं से तो नहीं है।
संगीता रजक स्थानीय राजनीति में सक्रिय और पहचान रखने वाली भाजपा नेता थीं। उन्होंने पिछले नगरीय निकाय चुनाव में गोकलपुर वार्ड से भाजपा के टिकट पर पार्षद पद का चुनाव लड़ा था। हालांकि वे चुनाव जीत नहीं सकी थीं, लेकिन क्षेत्र में उनकी सक्रियता लगातार बनी हुई थी। सूत्रों के अनुसार, वे आगामी चुनावों की तैयारी भी कर रही थीं और संगठन के विभिन्न कार्यक्रमों में नियमित रूप से भाग लेती थीं।

उनके पति बंटी रजक भी लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। वे विधायक प्रतिनिधि रह चुके हैं तथा भाजपा संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। वर्तमान में भी वे क्षेत्रीय स्तर पर सक्रिय माने जाते हैं।
संगीता रजक की अचानक हुई मौत की खबर फैलते ही भाजपा कार्यकर्ताओं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग अस्पताल और उनके निवास पर पहुंचे। राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति संवेदना जताई है।
फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि गोली किस परिस्थिति में चली और मौत का वास्तविक कारण क्या रहा। साथ ही फॉरेंसिक विशेषज्ञ भी हथियार और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों की जांच करेंगे। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी निष्पक्षता और गंभीरता के साथ की जा रही है तथा सभी तथ्यों के सामने आने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।
इस दुखद घटना ने एक बार फिर हथियारों के सुरक्षित उपयोग और सतर्कता की आवश्यकता को सामने ला दिया है। एक राजनीतिक रूप से सक्रिय महिला नेता की इस तरह हुई मौत ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है।