कूलर के विवाद ने ली युवक की जान, हत्या के पांचों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज !

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गुना। गुना जिले के कैंट थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम माहौर में कूलर मांगने को लेकर हुए विवाद में एक युवक की मौत के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने हत्या के आरोप में जेल में बंद पांचों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह मामला मार्च माह में हुए उस खूनी संघर्ष से जुड़ा है, जिसमें एक ही परिवार के तीन लोगों पर लाठी-डंडों से हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल युवक ने बाद में भोपाल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था।

घटना 15 मार्च की रात की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार गांव माहौर निवासी धनपाल केवट के घर उस दिन नई बहू की विदाई के बाद रिश्तेदार और मेहमान आए हुए थे। परिवार मेहमानों के स्वागत-सत्कार की तैयारी में जुटा था। इसी दौरान गर्मी को देखते हुए पड़ोस में रहने वाली बत्तोबाई से कूलर मांगने की बात हुई। बताया जाता है कि किसी कारणवश कूलर उपलब्ध नहीं हो सका, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस जांच के अनुसार मामूली विवाद कुछ ही देर में हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि विवाद के बाद दूसरे पक्ष के लोग लाठी-डंडे और अन्य हथियारों के साथ मौके पर पहुंच गए और परिवार के सदस्यों पर हमला कर दिया। हमले का शिकार बत्तोबाई, उनके पुत्र धनपाल और संतोष बने। आरोपियों ने तीनों को घेरकर बेरहमी से पीटा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तत्काल घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। हमले में धनपाल के सिर में गंभीर चोटें आई थीं, जिसके कारण उसे सात टांके लगाने पड़े। वहीं संतोष की हालत बेहद नाजुक होने के कारण चिकित्सकों ने उसे बेहतर उपचार के लिए भोपाल रेफर कर दिया।

भोपाल के अस्पताल में कई दिनों तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद 20 वर्षीय संतोष ने दम तोड़ दिया। युवक की मौत के बाद मामला और गंभीर हो गया तथा पुलिस ने हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी। संतोष की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। गांव में भी घटना को लेकर लंबे समय तक तनाव का माहौल बना रहा।

पुलिस जांच में सामने आया कि विवाद के दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होकर पहुंचे थे और उन्होंने सुनियोजित तरीके से हमला किया था। जांच के आधार पर पुलिस ने जसरथ, वीर सिंह, राम सिंह, दिखावटी और पार्वतीबाई को आरोपी बनाया। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

मामले में आरोपियों की ओर से हाल ही में अदालत में जमानत याचिका प्रस्तुत की गई थी। बचाव पक्ष ने विभिन्न आधारों पर आरोपियों को जमानत देने की मांग की, लेकिन अभियोजन पक्ष ने इसका विरोध किया। अभियोजन ने अदालत को बताया कि मामला हत्या जैसा गंभीर अपराध है और आरोपियों की रिहाई से जांच तथा गवाहों पर प्रभाव पड़ने की आशंका है।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पांचों आरोपियों की जमानत याचिका निरस्त कर दी। अदालत ने माना कि प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और वर्तमान परिस्थितियों में आरोपियों को राहत देना उचित नहीं होगा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि एक मामूली विवाद का इस तरह हिंसक रूप लेना बेहद दुखद है। जिस परिवार में नई बहू के आगमन की खुशियां थीं, वहां कुछ ही देर में मातम छा गया। गांव के लोगों ने भी इस घटना को सामाजिक सौहार्द के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता के साथ की जा रही है। सभी साक्ष्यों को एकत्रित किया जा चुका है और प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। पुलिस का दावा है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की गई है तथा दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

कूलर मांगने जैसी सामान्य बात से शुरू हुआ विवाद एक युवक की मौत और कई लोगों के जेल पहुंचने का कारण बन गया। अदालत द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद अब आरोपियों को फिलहाल जेल में ही रहना होगा, जबकि पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है।

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