सागर। मध्यप्रदेश के पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक Bhupendra Singh के कार्यालय से संचालित “भूपेंद्र भैया की ब्लड हेल्प हेल्पलाइन” लगातार जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवन रक्षक सेवा साबित हो रही है। इस सेवा प्रकल्प के माध्यम से 31 मई से 06 जून 2026 के बीच मात्र सात दिनों में 147 जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराया गया। इस अवधि में औसतन प्रतिदिन 21 मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराकर उनकी जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई।
यह रक्त सेवा प्रकल्प 2 जून 2025 को शुरू किया गया था और अब तक इसके माध्यम से कुल 1501 गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराया जा चुका है। यह आंकड़ा इस सेवा की निरंतरता, प्रभावशीलता और जनहित में इसकी उपयोगिता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
जानकारी के अनुसार, यह हेल्पलाइन सेंटर सागर जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभरा है। अक्सर आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों के परिजनों को रक्त की व्यवस्था करने में कठिनाई आती है, लेकिन इस हेल्पलाइन के माध्यम से उन्हें तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इससे न केवल मरीजों की जान बच रही है, बल्कि आर्थिक बोझ भी कम हो रहा है।

पिछले सात दिनों में जिन 147 मरीजों को रक्त उपलब्ध कराया गया, वे सागर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित थे। इनमें बंडा, केसली, गौरझामर, गढ़ाकोटा, खुरई, सुरखी, रहली, राहतगढ़, मालथौन, नरयावली, बांदरी, बीना, देवरी, बेगमगंज, दमोह, सानौधा, बटियागढ़, जैसीनगर, दलपतपुर सहित अनेक ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के मरीज शामिल रहे। ये सभी मरीज सागर संभागीय मुख्यालय पर उपचार के लिए पहुंचे थे और उन्हें समय पर रक्त उपलब्ध कराकर राहत प्रदान की गई।
इस सेवा की सबसे बड़ी विशेषता इसकी 24 घंटे उपलब्धता है। हेल्पलाइन सेंटर का मोबाइल नंबर 9228035418 चौबीसों घंटे सक्रिय रहता है, जिस पर जरूरतमंद कभी भी संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा लैंडलाइन नंबर 262688 भी उपलब्ध है, जिसके माध्यम से सहायता ली जा सकती है। आपातकालीन स्थिति में सीधे पूर्व गृहमंत्री एवं विधायक के मोबाइल नंबर 9425171211 पर कॉल, व्हाट्सएप या एसएमएस के माध्यम से भी संपर्क किया जा सकता है।
सेवा प्रकल्प से जुड़े कार्यकर्ताओं के अनुसार, जैसे ही किसी मरीज के लिए रक्त की आवश्यकता का संदेश प्राप्त होता है, तुरंत रक्तदाताओं से संपर्क कर आवश्यक व्यवस्था की जाती है। कई बार कुछ ही घंटों में रक्त उपलब्ध कराकर मरीज की जान बचाई जाती है। यह पूरी व्यवस्था एक संगठित नेटवर्क के माध्यम से संचालित होती है, जिसमें स्वयंसेवकों और रक्तदाताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
इस हेल्पलाइन की सफलता का श्रेय इसके निरंतर निगरानी तंत्र को भी दिया जा रहा है। स्वयं Bhupendra Singh इस सेवा प्रकल्प की नियमित मॉनिटरिंग करते हैं और समय-समय पर इसकी कार्यप्रणाली की समीक्षा भी की जाती है। इसी कारण यह सेवा प्रकल्प लगातार प्रभावी ढंग से कार्य कर रहा है।
स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों का कहना है कि यह हेल्पलाइन संकट की घड़ी में किसी वरदान से कम नहीं है। कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां गंभीर स्थिति में पहुंचे मरीजों को समय पर रक्त न मिलने की आशंका थी, लेकिन इस सेवा के कारण उनकी जान बच सकी।
विशेषज्ञों के अनुसार, ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रक्त की उपलब्धता अक्सर एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में इस प्रकार की संगठित रक्त सेवा हेल्पलाइन सामाजिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाती है, बल्कि समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता भी बढ़ाती है।
सेवा प्रकल्प से जुड़े लोगों ने बताया कि आगे इस नेटवर्क को और अधिक विस्तार देने की योजना है, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके। रक्तदाताओं की संख्या बढ़ाने और विभिन्न क्षेत्रों में समन्वय व्यवस्था को और मजबूत करने पर भी कार्य किया जा रहा है।
कुल मिलाकर, “भूपेंद्र भैया की ब्लड हेल्पलाइन सेवा” सागर जिले में मानव सेवा का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरी है, जो निरंतर जरूरतमंदों के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।