सागर, 8 सितंबर 2025: मध्यप्रदेश के सागर जिले के केसली थाना क्षेत्र के ग्राम आमोदा में चोरों ने दो भाइयों के घरों को निशाना बनाकर करीब 8 लाख रुपये की नकदी और सोने-चांदी के जेवरात चुरा लिए। यह घटना रविवार रात को हुई, जब दोनों परिवार अपने-अपने घरों में सो रहे थे। चोरों ने पहले एक भाई के घर में सेंध लगाई और फिर पास के टपरे में रह रहे दूसरे भाई के सामान पर हाथ साफ किया। पीड़ितों की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं, और मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।

घटना का विवरण: रात में चुपके से दी चोरी को अंजाम
केसली थाना पुलिस के अनुसार, ग्राम आमोदा निवासी गिरधारी लोधी ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि वह अपने परिवार के साथ निर्माणाधीन मकान के पास बने टपरे में रहता है। रविवार रात करीब 9 बजे खाना खाने के बाद सभी लोग टपरे में सो गए। गिरधारी ने बताया कि वह रात 12:42 बजे उठा था और फिर 1 बजे दोबारा सो गया। सुबह करीब 5 बजे उनके छोटे भाई मोहन लोधी की पत्नी मनीषा ने सूचना दी कि उनके घर में चोरी हो गई है।
गिरधारी अपने भाई के घर पहुंचे, जहां चोरी की पुष्टि हुई। करीब आधे घंटे बाद जब वे अपने टपरे में लौटे, तो देखा कि उनकी पेटी गायब थी। इस पेटी में 39,000 रुपये नकद, दो जोड़ी चांदी की पायल, और सोने की पांचाली (एक प्रकार का आभूषण) रखी थी। आसपास तलाश करने के बावजूद पेटी नहीं मिली।
छोटे भाई के घर से लाखों के जेवर चोरी
दूसरी ओर, मोहन लोधी के बेटे अनिकेत लोधी ने बताया कि वह खेती-किसानी करता है। रविवार रात करीब 10:30 बजे खाना खाने के बाद उनका परिवार दहलान (बरामदे) में सो रहा था। उनके कमरों में ताले लगे थे। सुबह 5 बजे उनकी मां मनीषा लोधी ने देखा कि कमरों के ताले अंदर से कुंडी लगे हुए हैं, जबकि पीछे का दरवाजा खुला पड़ा था।
अंदर जाकर जांच करने पर पता चला कि अलमारी में रखा 3 तोले का सोना हार, 1 तोले की पांचाली, दो सोने के मंगलसूत्र (2 तोले), 1 किलो चांदी की करधोनी, दो जोड़ी झुमकी, तीन सोने की अंगूठी, 500 ग्राम चांदी की पायल, 3 तोले की चूड़ी, 1 तोले की बेंदी, और 500 ग्राम छोटी चांदी की वस्तुएं गायब थीं। इसके अलावा, पेंट की जेब में रखे 10,000 रुपये नकद भी चोर ले गए। अनिकेत के अनुसार, चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 8 लाख रुपये है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही केसली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पीड़ितों की शिकायत पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस ने बताया कि चोरों ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया, क्योंकि दोनों घरों में परिवार सो रहे थे, फिर भी उन्हें भनक तक नहीं लगी। एफएसएल की टीम ने घटनास्थल का दौरा कर साक्ष्य जुटाए, जिसमें उंगलियों के निशान और अन्य सुराग शामिल हैं।
पुलिस ने अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर दिया है और आसपास के क्षेत्रों में संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया, “हम सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं और आसपास के गांवों में भी पूछताछ की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।”
स्थानीय लोगों में दहशत, बढ़ी सुरक्षा की मांग
आमोदा गांव में इस चोरी की घटना ने स्थानीय लोगों में दहशत पैदा कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि रात में चोरों का इतनी आसानी से घरों में घुसना और लाखों का सामान चुराकर भागना पुलिस की रात्रि गश्त की कमी को दर्शाता है। गांव के निवासी रामप्रसाद लोधी ने कहा, “पिछले कुछ महीनों में आसपास के गांवों में चोरी की कई घटनाएं हो चुकी हैं। पुलिस को रात्रि गश्त बढ़ानी चाहिए और गांव में सीसीटीवी कैमरे लगवाने चाहिए।”
चोरी की घटनाओं का बढ़ता सिलसिला
सागर जिले में हाल के महीनों में चोरी की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है। नवंबर 2024 में मकरोनिया थाना क्षेत्र के शिवनगर और रजाखेड़ी में दो सूने मकानों में चोरों ने सेंध लगाकर नकदी और जेवरात चुराए थे। इसी तरह, मकरोनिया के दुर्गा नगर में भी एक सूने मकान से सोने-चांदी के जेवर और लाइसेंसी बंदूक चोरी होने की घटना सामने आई थी। इन घटनाओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, और स्थानीय लोग जिला प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
निष्कर्ष
आमोदा गांव में दो भाइयों के घरों में हुई चोरी की इस घटना ने एक बार फिर सागर जिले में सुरक्षा व्यवस्था की कमियों को उजागर किया है। गिरधारी और अनिकेत लोधी के परिवारों को हुए नुकसान ने न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित किया है, बल्कि पूरे गांव में असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और एफएसएल की जांच से उम्मीद है कि चोर जल्द पकड़े जाएंगे। साथ ही, इस घटना ने प्रशासन के सामने रात्रि गश्त और निगरानी तंत्र को मजबूत करने की जरूरत को रेखांकित किया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में लोग अपने घरों में सुरक्षित महसूस कर सकें।