भोपाल, मध्यप्रदेश – मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MANIT) के इतिहास में 27 दिसंबर एक खास दिन बन गया। 1966 से लेकर 2024 बैच तक के पूर्व छात्र पहली बार इतने बड़े पैमाने पर एक साथ मिले। पूर्व छात्रों में कुछ देश के शीर्ष IAS और IPS अधिकारी, तो कुछ देश-विदेश की नामी कंपनियों के CEO और उद्योगपति बन चुके हैं।
विदेशों में कार्यरत कई पूर्व छात्र भी अपने पुराने कैंपस की यादों को ताजा करने भोपाल पहुंचे। समारोह में गले मिलने, ठहाकों, हॉस्टल और क्लासरूम की यादों, और आंखों में चमक के साथ कॉलेज का वही उत्साह देखने को मिला। यह दर्शाता है कि MANIT सिर्फ एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है।

पब्लिक सेफ्टी के लिए एमओयू
ग्लोबल एल्युमिनी मीट के दौरान एक और अहम कदम भी उठाया गया। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन पब्लिक सेफ्टी के लिए एमओयू मध्यप्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना के साथ साइन किया गया। इसका उद्देश्य तकनीक और रिसर्च के जरिए सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर काम करना है।

एमओयू के तहत MANIT अब सिर्फ तकनीकी शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समाजोपयोगी रिसर्च संस्थान के रूप में अपनी पहचान और मजबूत करेगा।
पूर्व छात्रों के इस मिलन और पब्लिक सेफ्टी पहल ने संस्थान की सांस्कृतिक और सामाजिक जिम्मेदारी दोनों को उजागर किया।