सागर। पर्यावरण संरक्षण और मातृ शक्ति के सम्मान को समर्पित “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न विकासखंडों में व्यापक स्तर पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की टीम ने स्थानीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्वयंसेवकों के साथ मिलकर विभिन्न स्थानों पर पौधे रोपे और उनके संरक्षण का संकल्प लिया।

अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ माताओं के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने अपनी मां के नाम पर पौधे लगाकर उन्हें संरक्षित रखने का संकल्प लिया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि जिस प्रकार मां हमें जीवन देती है, उसी प्रकार वृक्ष पृथ्वी पर जीवन को सुरक्षित और समृद्ध बनाते हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए।
जिले के विभिन्न विकासखंडों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान फलदार, छायादार एवं पर्यावरण के लिए उपयोगी पौधों का रोपण किया गया। पौधारोपण के साथ-साथ पौधों की सुरक्षा, नियमित देखभाल और उनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी स्थानीय स्तर पर तय की गई। प्रतिभागियों ने पौधों को जीवित रखने और उनकी नियमित निगरानी करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में उपस्थित जन अभियान परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ता प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, तापमान में वृद्धि और घटते वन क्षेत्र गंभीर चिंता का विषय हैं। ऐसे में वृक्षारोपण ही पर्यावरण संरक्षण का सबसे प्रभावी माध्यम है। वृक्ष न केवल वातावरण को शुद्ध करते हैं बल्कि वर्षा चक्र को संतुलित रखने, भूजल संरक्षण, जैव विविधता बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने बताया कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास भी है। अभियान का उद्देश्य लोगों को वृक्षों के महत्व से जोड़ना और उन्हें प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित करना है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, युवा, महिलाएं, सामाजिक कार्यकर्ता एवं जन अभियान परिषद के सदस्य शामिल हुए। सभी ने पौधारोपण के बाद पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। प्रतिभागियों ने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बड़े सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
वक्ताओं ने प्रधानमंत्री द्वारा प्रारंभ किए गए “एक पेड़ मां के नाम” अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल भावनात्मक जुड़ाव के साथ पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने का प्रयास है। जब कोई व्यक्ति अपनी मां के नाम पर पौधा लगाता है तो उसके संरक्षण के प्रति उसकी जिम्मेदारी और भावनात्मक लगाव भी बढ़ जाता है।

जन अभियान परिषद के सदस्यों ने नागरिकों से अपील की कि वे केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि उनकी नियमित देखभाल भी करें। पौधों को पर्याप्त पानी, सुरक्षा और पोषण देकर उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित रखना ही इस अभियान की वास्तविक सफलता होगी।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और हरित सागर के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प लिया। परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि आने वाले समय में भी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पौधारोपण और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ा जा सके।
“एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत किया गया यह पौधारोपण कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समाज में मातृ सम्मान की भावना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।