सागर: जिले में शहरी विकास कार्यों की प्रगति को गति देने और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर प्रतिभा पाल ने सभी नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (सीएमओ) और इंजीनियरों को सख्त निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से स्थल निरीक्षण करें और विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करें।

बैठक में संयुक्त कलेक्टर एवं पीओ डूडा श्री विजय डेहरिया, जॉइंट डायरेक्टर नगरीय प्रशासन श्री नायक, निगमायुक्त श्री राजकुमार खत्री, सचिन मसीह सहित सभी नगरीय निकायों के सीएमओ और अभियंता उपस्थित रहे। बैठक में शहरी विकास से जुड़े 12 प्रमुख एजेंडा बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई और नगर पालिक निगम सागर, मकरोनिया, बीना, खुरई, रहली, गढ़ाकोटा, बंडा, मालथौन, राहतगढ़, बांदरी, शाहगढ़, बिलहरा, सुरखी, बरोदिया कला, कर्रापुर, देवरी और शाहपुर सहित सभी निकायों की निकायवार समीक्षा की गई।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने स्पष्ट कहा कि सभी सीएमओ और इंजीनियर अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित फील्ड विजिट करें और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता तथा प्रगति की लगातार निगरानी करें। उन्होंने कहा कि केवल कार्यालय स्तर से नहीं, बल्कि मौके पर जाकर कार्यों की समीक्षा करने से ही वास्तविक स्थिति का पता चलता है और समय पर सुधार संभव होता है।

उन्होंने निर्देश दिए कि सभी प्रगतिरत निर्माण कार्यों, विशेषकर नाला निर्माण, सड़क निर्माण और जल संरचनाओं से जुड़े कार्यों को मानसून आने से पहले हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि बारिश से पहले यदि यह कार्य पूर्ण नहीं हुए तो नागरिकों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
बैठक में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की तैयारियों पर भी विशेष चर्चा की गई। कलेक्टर ने कहा कि इस बार नागरिक फीडबैक का रैंकिंग में अत्यधिक महत्व होगा, इसलिए सभी निकायों को शत-प्रतिशत नागरिक फीडबैक सुनिश्चित करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को स्वच्छता रैंकिंग में सुधार लाने और पिछले प्रदर्शन से बेहतर परिणाम हासिल करने के निर्देश दिए।
उन्होंने रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था इतनी बेहतर होनी चाहिए कि रात के समय भी शहर स्वच्छ और कचरा मुक्त दिखाई दे। बाजार क्षेत्रों में विशेष ध्यान देने और डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को मजबूत बनाने के निर्देश भी दिए गए। इसके लिए कचरा वाहनों की नियमित मॉनिटरिंग स्मार्ट सिटी के आईसीसीसी के माध्यम से करने को कहा गया।

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना और अमृत योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सागर नगर निगम में आवास आवंटन से जुड़ी समस्याओं के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए ताकि अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को पक्के मकान का लाभ मिल सके। बीएलसी घटक के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने पर भी जोर दिया गया।
इसके साथ ही बीना, खुरई और रहली में चल रही पेयजल और अन्य विकास परियोजनाओं की समीक्षा की गई। बीना में पेयजल सप्लाई नेटवर्क, ओवरहेड टैंक और ग्रीन स्पेस डेवलपमेंट कार्यों को तीन माह में पूरा करने के निर्देश दिए गए। खुरई में कायाकल्प परियोजना, सड़क निर्माण और पार्क विकास कार्यों को शीघ्र पूरा करने को कहा गया। वहीं रहली में नदी घाट निर्माण, रिटेनिंग वॉल और अन्य कार्यों को मानसून से पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने कहा कि अमृत 2.0 योजना और जल संवर्धन अभियान के सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं ताकि जल संरचनाओं का संरक्षण और जल आपूर्ति व्यवस्था मजबूत हो सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन परियोजनाओं की समय-सीमा समाप्त हो रही है या लंबे समय से लंबित हैं, उनकी मौके पर जाकर समीक्षा की जाए और समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।
उन्होंने जलभराव की समस्या से निपटने के लिए सभी नगरीय निकायों को पहले से तैयारी करने, नालों और नालियों की सफाई सुनिश्चित करने और जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए। साथ ही जर्जर भवनों की पहचान, सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों के शीघ्र निराकरण और जनगणना कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
अंत में कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि शासन द्वारा दी जा रही राशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों का समय पर पूर्ण होना ही प्रशासन की वास्तविक जिम्मेदारी है और इसी से नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।