गोल्डन ऑवर्स में हाई-रिस्क मरीजों के त्वरित उपचार हेतु 108 एम्बुलेंस स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण !

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सागर: कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देशानुसार जिले में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए गोल्डन ऑवर्स में हाई-रिस्क मरीजों के उपचार एवं प्रबंधन को लेकर 108 एम्बुलेंस स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह प्रशिक्षण 13 एवं 14 मई 2026 को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में आयोजित किया गया, जिसमें पायलट और ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) शामिल हुए।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं एवं अन्य आपात स्थितियों में गंभीर मरीजों को त्वरित प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराना और उन्हें शीघ्रता से जिला चिकित्सालय अथवा बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज तक सुरक्षित पहुंचाना था, ताकि गोल्डन ऑवर्स के भीतर मरीजों की जान बचाई जा सके।

इस अवसर पर विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा प्रतिभागियों को विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। इनमें मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.पी. आर्या, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ललिता पाटिल, मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. संतोष पटेल, आर.एम.ओ. डॉ. अभिषेक ठाकुर, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. विनयदीप विदौलिया तथा जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. हेमंत कोष्टी शामिल रहे। सभी विशेषज्ञों ने गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार देने की तकनीक, दुर्घटना के समय त्वरित प्रतिक्रिया और आपातकालीन स्थिति में सही प्रबंधन के तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी।

प्रशिक्षण के दौरान विशेष रूप से गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए लू (हीट स्ट्रोक) से प्रभावित मरीजों के उपचार के तरीकों पर भी मार्गदर्शन दिया गया। चिकित्सकों ने बताया कि ऐसे मामलों में त्वरित पहचान और उचित प्राथमिक उपचार अत्यंत आवश्यक होता है, जिससे मरीज की स्थिति को गंभीर होने से रोका जा सकता है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने प्रशिक्षण के दौरान 108 एम्बुलेंस सेवा के पायलट एवं ईएमटी को निर्देश दिए कि सभी एम्बुलेंस वाहन निर्धारित लोकेशन पर समय पर उपस्थित रहें, ताकि कॉल सेंटर से सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि आपातकालीन सेवाओं में देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है, क्योंकि यह सीधे मरीज के जीवन से जुड़ा मामला होता है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एम्बुलेंस स्टाफ को हर परिस्थिति में तत्पर रहकर कार्य करना होगा और किसी भी आपात कॉल पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करनी होगी। इससे गंभीर मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी और मृत्यु दर को कम करने में मदद मिलेगी।

प्रशिक्षण के दौरान डी.पी. राय, नोडल अधिकारी 108 एम्बुलेंस सेवा तथा श्री कृष्णा गौर, जिला समन्वयक 108 एम्बुलेंस सेवा भी उपस्थित रहे। दोनों अधिकारियों ने सेवा की कार्यप्रणाली, समन्वय व्यवस्था और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने पर बल दिया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सक्षम, तेज और प्रभावी बनाना है, ताकि किसी भी दुर्घटना या गंभीर स्वास्थ्य स्थिति में मरीज को समय पर जीवन रक्षक उपचार मिल सके। अधिकारियों ने कहा कि “गोल्डन ऑवर्स” का सही उपयोग ही कई जीवन बचाने में निर्णायक भूमिका निभाता है।

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