छतरपुर जिले में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस ने शुक्रवार देर शाम एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की। शहर के कोतवाली, सिविल लाइन और ओरछा रोड थाना क्षेत्रों से 100 से अधिक सूचीबद्ध गुंडा बदमाशों को पुलिस सहायता केंद्र, बस स्टैंड पर एकत्र किया गया।
इस विशेष कार्रवाई के दौरान नगर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सोनी स्वयं मौके पर मौजूद रहे। उनके साथ थाना प्रभारी सिविल लाइन निरीक्षक सतीश सिंह, थाना प्रभारी ओरछा रोड उपनिरीक्षक दीपक यादव सहित कोतवाली थाना पुलिस टीम भी उपस्थित रही। पुलिस अधिकारियों ने सभी चिन्हित बदमाशों को एक-एक कर सख्त समझाइश दी और भविष्य में किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि से दूर रहने के निर्देश दिए।

गतिविधियों और सोशल मीडिया की हुई जांच
पुलिस ने बुलाए गए सभी सूचीबद्ध बदमाशों की वर्तमान गतिविधियों की विस्तार से जानकारी ली। अधिकारियों ने उनके सामाजिक व्यवहार, क्षेत्र में उनकी सक्रियता और सोशल मीडिया पर की जा रही गतिविधियों की भी समीक्षा की। यह भी जांचा गया कि कहीं कोई व्यक्ति सोशल मीडिया के माध्यम से दहशत फैलाने, भड़काऊ पोस्ट करने या कानून व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश तो नहीं कर रहा है।

आपराधिक रिकॉर्ड की गहन पड़ताल
इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने बदमाशों के पूर्व में दर्ज आपराधिक मामलों से लेकर वर्तमान स्थिति तक का पूरा रिकॉर्ड खंगाला। यह भी देखा गया कि सूचीबद्ध किए जाने के बाद किसी बदमाश ने दोबारा अपराध तो नहीं किया। जिनके विरुद्ध पुनरावृत्ति की आशंका पाई गई, उन्हें विशेष रूप से चेतावनी दी गई।
कानून तोड़ा तो होगी कड़ी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने सभी को स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे कानून का पालन करें और अपने-अपने क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अशांति, उपद्रव, मारपीट, धमकी या दहशत फैलाने वाली गतिविधियों से दूर रहें।

नए साल और त्योहारों को लेकर सख्ती
पुलिस ने बताया कि आगामी नववर्ष और अन्य त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। यदि कोई भी व्यक्ति कानून व्यवस्था भंग करता पाया गया या किसी आपराधिक गतिविधि में संलिप्त मिला, तो उसके खिलाफ बिना किसी पूर्व चेतावनी के कड़ी से कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
लगातार निगरानी के निर्देश
नगर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सोनी ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि सूचीबद्ध गुंडा बदमाशों पर निरंतर निगरानी रखी जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संदिग्ध गतिविधि सामने आते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस की इस कार्रवाई को शहर में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और आमजन में सुरक्षा का भरोसा कायम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।