सागर।
आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन केंद्र में बुधवार को जैन मिलन मुख्य शाखा का 33वां स्थापना दिवस श्रद्धा, सेवा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गौशाला में गौ माता को हरी सब्जियां और गुड़ का वितरण किया गया तथा बीमार गौधन की सेवा कर उनके उपचार की व्यवस्था की गई।

कार्यक्रम को रजनी श्रेयांश जैन ने संबोधित करते हुए जैन मिलन की सेवा गतिविधियों और गौ संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। गौ संवर्धन केंद्र के कार्यकारी अध्यक्ष अरुण तालेवालों ने केंद्र में संचालित गौ सेवा एवं संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दी।
जैन मिलन मुख्य शाखा के संस्थापक वीर संजय शास्त्री ने बताया कि भारतीय जैन मिलन की प्रथम शाखा की स्थापना 15 दिसंबर 1993 को की गई थी। उन्होंने कहा कि संगठन सामाजिक सेवा, धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
स्थापना दिवस के अवसर पर बड़ी संख्या में जैन समाज के सदस्य उपस्थित रहे और गौ सेवा में सहभागिता निभाई।