सागर में हवाई सेवा विस्तार की दिशा में बड़ा कदम !

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सागर।
कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. के नेतृत्व में सागर जिले के विकास और प्रगति को लेकर किए जा रहे प्रयासों की कड़ी में हवाई सेवा विस्तार की दिशा में एक नया अध्याय जुड़ गया है। गुरुवार को विमानन विभाग के विशेषज्ञ अधिकारियों ने जिले में हवाई सेवाओं की संभावनाओं को लेकर न केवल बैठक की, बल्कि ढाना हवाई पट्टी का स्थल पर पहुंचकर सूक्ष्म अध्ययन भी किया।

बैठक में अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत, विमान पाटन विशेषज्ञ श्री मनीष सिन्हा, अर्न्स्ट एंड यंग के डायरेक्टर श्री अंशुमन श्रीवास्तव, श्री अनुभव अरोड़ा, श्री पल्लव गोयल, श्री आर. सक्सेना, एसडीएम श्री अमन मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं उद्योगपति मौजूद रहे।

1800 मीटर रनवे से उतर सकेंगे 70 सीटर विमान

विमानन विशेषज्ञ श्री मनीष सिन्हा ने बताया कि ढाना हवाई पट्टी के विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। वर्तमान में 992 मीटर लंबा रनवे है, जिसे बढ़ाकर लगभग 1800 मीटर किया जाएगा। रनवे विस्तार के बाद यहां 70 सीटर विमानों की लैंडिंग संभव हो सकेगी, जिससे सागर और आसपास के क्षेत्रों को हवाई सेवा का लाभ मिलेगा।

ट्रैफिक और कार्गो की संभावनाओं पर मंथन

बैठक में हवाई सेवा विस्तार के लिए यात्री ट्रैफिक और कार्गो ट्रैफिक की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड, उद्योग विभाग, कृषि विभाग, रेलवे, बस व ट्रक एसोसिएशन, कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय सहित अन्य विभागों से सुझाव लिए गए।

400 करोड़ की लागत से विकसित होगा एयरपोर्ट

विशेषज्ञों ने बताया कि 1800 मीटर रनवे और टर्मिनल एयरपोर्ट के निर्माण पर लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत आएगी। ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार कर विमानन विभाग को प्रस्तुत की जाएगी, जिसके बाद एयर सर्वे और अन्य तकनीकी प्रक्रियाएं शुरू होंगी। अनुमति मिलते ही जिला प्रशासन द्वारा भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी प्रारंभ की जाएगी।

औद्योगिक विकास से बढ़ी हवाई सेवा की आवश्यकता

विशेषज्ञों ने बताया कि हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा आयोजित इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव में सागर में 23 हजार करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए हैं। आईटी पार्क, डेटा सेंटर, औद्योगिक इकाइयों, केंद्रीय विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व और अन्य परियोजनाओं के चलते सागर में हवाई सेवाओं की आवश्यकता और संभावनाएं तेजी से बढ़ी हैं।

अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत ने कहा कि विमानन विभाग की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत है और इस तरह की समन्वय बैठकें आगे भी आयोजित की जाती रहेंगी

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