तैईया बांध में दर्दनाक हादसा: 11 साल के बच्चे को बचाने कूदा युवक, दोनों की डूबने से मौत !

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छतरपुर जिले से सटे उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। तैईया बांध में नहाने गए 11 वर्षीय बच्चे को बचाने के प्रयास में एक युवक भी गहरे पानी में समा गया। दोनों को ग्रामीणों ने बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और मृतकों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।

यह हादसा महोबा जिले के महोबकंठ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गाड़ो में सोमवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे हुआ। जानकारी के अनुसार गांव निवासी 11 वर्षीय हृदेश विश्वकर्मा अपने दोस्तों के साथ तैईया बांध में नहाने गया था। नहाते समय वह अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा।

हृदेश को डूबता देख वहां मौजूद गांव का ही 19 वर्षीय निहाल साहू तुरंत उसे बचाने के लिए पानी में कूद पड़ा। लेकिन बांध की गहराई और पानी के तेज बहाव के कारण निहाल भी खुद को संभाल नहीं सका और दोनों पानी में डूब गए।

बच्चों ने गांव में दी सूचना

घटना के दौरान वहां मौजूद अन्य बच्चों ने जब दोनों को पानी में डूबते देखा तो घबराकर गांव की ओर दौड़े और ग्रामीणों को सूचना दी। जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लोगों ने बिना समय गंवाए बांध में उतरकर दोनों की तलाश शुरू की।

काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने दोनों को पानी से बाहर निकाला। उस समय दोनों की हालत गंभीर थी। परिजन और ग्रामीण तत्काल उन्हें उपचार के लिए छतरपुर जिले के नजदीकी हरपालपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जो घटनास्थल से करीब चार किलोमीटर दूर स्थित है।

अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

हरपालपुर स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक जांच के बाद दोनों को गंभीर स्थिति में नौगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर किया गया। 108 एंबुलेंस की मदद से दोनों को नौगांव ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही नौगांव थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और पंचनामा कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने जीरो पर मर्ग कायम कर संबंधित थाना क्षेत्र को सूचना भेज दी है। मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

हादसे के बाद दोनों परिवारों में मातम का माहौल है। बताया जा रहा है कि 11 वर्षीय हृदेश विश्वकर्मा अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। बेटे की मौत के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया है।

वहीं 19 वर्षीय निहाल साहू अपने भाई-बहनों में सबसे छोटा था। गांव के लोगों का कहना है कि निहाल बेहद मिलनसार और साहसी स्वभाव का युवक था। उसने बच्चे को बचाने के लिए अपनी जान की परवाह नहीं की, लेकिन दुर्भाग्यवश वह खुद भी हादसे का शिकार हो गया।

घटना के बाद दोनों घरों में चीख-पुकार मच गई। गांव में शोक का माहौल बना हुआ है और हर किसी की आंखें नम हैं। अंतिम संस्कार की तैयारी के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवारों को सांत्वना देने पहुंचे।

बांधों पर सुरक्षा व्यवस्था की मांग

इस दर्दनाक हादसे के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से बांधों और जलाशयों के आसपास सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में बच्चे और युवक अक्सर तालाबों और बांधों में नहाने पहुंच जाते हैं, लेकिन वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होते।

ग्रामीणों ने बांधों के किनारे चेतावनी बोर्ड लगाने, खतरनाक गहराई वाले क्षेत्रों को चिन्हित करने और नियमित निगरानी की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई, तो भविष्य में भी ऐसे हादसे हो सकते हैं।

गर्मी में बढ़ रहे जलाशयों से जुड़े हादसे

भीषण गर्मी के चलते इन दिनों बच्चे और युवा बड़ी संख्या में तालाबों, नदियों और बांधों में नहाने पहुंच रहे हैं। प्रशासन की ओर से कई बार सावधानी बरतने की अपील की जाती है, लेकिन इसके बावजूद हादसे लगातार सामने आ रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि जलाशयों में अचानक गहराई बढ़ जाने, फिसलन और पानी के बहाव का सही अंदाजा न लग पाने के कारण अधिकांश हादसे होते हैं। ऐसे में बच्चों को अकेले जलाशयों में जाने से रोकना बेहद जरूरी है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमॉर्टम के बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। पूरे गांव में इस हादसे के बाद शोक और स्तब्धता का माहौल बना हुआ है।

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