दतिया। जिले में पदस्थ नवीन शिक्षक संवर्ग (अध्यापक वर्ग) की वर्षों से लंबित मांगों एवं समस्याओं के समाधान को लेकर आजाद अध्यापक शिक्षक संघ द्वारा रविवार दोपहर प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन न्यू कलेक्टरेट परिसर में अपर कलेक्टर श्री महेंद्र कपचे को दिया गया।
संघ ने ज्ञापन में प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षकों से जुड़ी 10 प्रमुख मांगों को प्रमुखता से उठाया। संघ पदाधिकारियों ने बताया कि शासन स्तर पर हुई तकनीकी एवं नीतिगत त्रुटियों के कारण नवीन शिक्षक संवर्ग के शिक्षकों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ सेवा एवं सेवानिवृत्ति लाभों से भी वंचित होना पड़ रहा है।
संघ ने बताया कि IFMS पोर्टल पर शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति दिनांक 1 जुलाई 2018 दर्ज कर दी गई है, जबकि वास्तविक रूप से अधिकांश शिक्षकों की नियुक्ति वर्ष 1998, 2001 एवं 2003 में हुई थी। इस त्रुटिपूर्ण प्रविष्टि के कारण शिक्षकों की पेंशन, ग्रेच्युटी एवं अन्य सेवा लाभों की गणना गलत हो रही है, जिससे भविष्य में उन्हें गंभीर नुकसान उठाना पड़ सकता है।

ज्ञापन में पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ देने की मांग भी प्रमुख रूप से रखी गई। संघ का कहना है कि जिस प्रकार मध्यप्रदेश में व्याख्याता, उच्च श्रेणी शिक्षक एवं सहायक शिक्षकों को OPS का लाभ दिया जा रहा है, उसी तरह नवीन शिक्षक संवर्ग को भी इसका लाभ मिलना चाहिए। इसके साथ ही प्रथम नियुक्ति दिनांक से अर्जित अवकाश सहित सभी अवकाश लाभ प्रदान करने की मांग की गई।
संघ ने स्कूल शिक्षा विभाग की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पदोन्नति और क्रमोन्नति के लिए सेवा गणना प्रथम नियुक्ति से की जाती है, लेकिन सेवानिवृत्ति लाभों के लिए सेवा अवधि 1 जुलाई 2018 से मानी जा रही है, जो शिक्षकों के साथ भेदभावपूर्ण और अन्यायपूर्ण है।
ज्ञापन में दोषपूर्ण ई-अटेंडेंस व्यवस्था को तत्काल पूर्णतः बंद करने, गुरुजी से बने प्राथमिक शिक्षकों को प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता लाभ देने तथा दतिया जिले सहित प्रदेश के उन शिक्षकों की परिवीक्षा अवधि समाप्ति के आदेश शीघ्र जारी करने की मांग की गई, जिनकी तीन वर्ष की परिवीक्षा अवधि पूर्ण हो चुकी है, लेकिन अब तक न तो आदेश जारी हुए हैं और न ही डीए एरियर का भुगतान किया गया है। इसके अलावा चतुर्थ समयमान वेतनमान के आदेश शीघ्र जारी करने की भी मांग रखी गई।
अंत में संघ ने प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए नवीन शिक्षक संवर्ग की सभी 10 सूत्रीय मांगों का शीघ्र निराकरण करने का आग्रह किया। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि उन्हें आशा ही नहीं, बल्कि पूर्ण विश्वास है कि शासन शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक निर्णय लेगा।