दमोह। जिले के तेंदूखेड़ा में मंगलवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया, जब तहसील कार्यालय के सामने दो ट्रकों की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में पीछे चल रहे ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी भी व्यक्ति को गंभीर चोट नहीं आई। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह चालक को आया नींद का झोंका बताया जा रहा है।
घटना मंगलवार सुबह करीब 10 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार दोनों ट्रक पंजाब से जबलपुर की ओर जा रहे थे और एक-दूसरे के पीछे चल रहे थे। एक ट्रक में खाने-पीने का सामान भरा हुआ था, जबकि दूसरे ट्रक में फाइबर सामग्री लदी थी। दोनों वाहन सामान्य गति से तेंदूखेड़ा क्षेत्र से गुजर रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब दोनों ट्रक तेंदूखेड़ा तहसील कार्यालय के सामने पहुंचे, तभी सड़क पर बने स्पीड ब्रेकर के कारण आगे चल रहे ट्रक चालक ने वाहन की रफ्तार धीमी कर दी। इसी दौरान पीछे चल रहे ट्रक के चालक को अचानक नींद का झोंका आ गया। चालक जब तक कुछ समझ पाता, तब तक ट्रक सामने चल रहे वाहन से टकरा चुका था।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि पीछे वाले ट्रक का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सड़क पर तेज आवाज गूंजते ही आसपास मौजूद लोग मौके की ओर दौड़ पड़े। घटना स्थल पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हालांकि दुर्घटना के समय सड़क पर ज्यादा भीड़भाड़ नहीं थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। यदि उसी समय सड़क पर अन्य वाहन या राहगीर मौजूद होते, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। बताया जा रहा है कि पीछे वाले ट्रक चालक ने टक्कर से ठीक पहले ब्रेक लगाने की कोशिश की थी, जिससे दुर्घटना का प्रभाव कुछ कम हो गया।
ट्रक चालक मानवेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों ट्रक पंजाब से एक साथ निकले थे और जबलपुर की ओर जा रहे थे। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान दोनों वाहन लगातार संपर्क में थे और सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ रहे थे। लेकिन तेंदूखेड़ा पहुंचते ही अचानक यह हादसा हो गया।
हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने यातायात व्यवस्था संभालते हुए सड़क पर लगे वाहनों को हटवाया ताकि आवागमन प्रभावित न हो।

आगे चल रहा ट्रक पूरी तरह सुरक्षित था, इसलिए वह कुछ देर बाद जबलपुर के लिए रवाना हो गया। वहीं क्षतिग्रस्त ट्रक में रखे गए सामान को दूसरे वाहन में शिफ्ट कर गंतव्य के लिए भेजा गया। हादसे के बाद कुछ समय तक सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही, लेकिन पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से यातायात को सामान्य कर दिया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में किसी भी पक्ष द्वारा कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। चूंकि हादसे में किसी को गंभीर चोट नहीं आई और दोनों पक्षों में आपसी सहमति बन गई, इसलिए कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी।
विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक लगातार वाहन चलाने से ट्रक चालकों में थकान और नींद की समस्या बढ़ जाती है, जो सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बन रही है। राष्ट्रीय राजमार्गों और लंबी दूरी के मार्गों पर ऐसे हादसे लगातार सामने आते रहते हैं। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि वाहन चालकों को नियमित अंतराल पर आराम करना चाहिए और अत्यधिक थकान की स्थिति में वाहन नहीं चलाना चाहिए।
इसके अलावा सड़क पर बने स्पीड ब्रेकरों के पास विशेष सतर्कता बरतना भी आवश्यक है। कई बार अचानक ब्रेक लगाने या गति कम करने के कारण पीछे से आने वाले वाहन टकरा जाते हैं। ऐसे में वाहन चालकों को पर्याप्त दूरी बनाए रखनी चाहिए ताकि आपात स्थिति में वाहन नियंत्रित किया जा सके।
स्थानीय लोगों ने भी इस घटना के बाद सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि तेंदूखेड़ा क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है और कई चालक बिना आराम किए लंबे समय तक वाहन चलाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
फिलहाल इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सड़क पर छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। प्रशासन और पुलिस लगातार वाहन चालकों से सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील कर रहे हैं।