दिव्यांग बच्चों के लिए संवेदनशील पहल: सागर जनपद में ब्लॉक स्तरीय शिविर आयोजित !

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सागर समाज के कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के निर्देशानुसार सागर जनपद में ब्लॉक स्तरीय विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य 0 से 18 वर्ष तक के दिव्यांग बच्चों की पहचान, उनकी चिकित्सकीय जांच तथा दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी करना था।

स्क्रीनिंग और प्रमाण पत्र निर्माण पर जोर

आयोजित शिविर में दिव्यांग बच्चों की स्क्रीनिंग के साथ-साथ नए दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने और पुराने प्रमाण पत्रों के नवीनीकरण की प्रक्रिया भी पूरी की गई। यह पहल उन परिवारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई, जो अपने बच्चों के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ लेने हेतु प्रमाण पत्र बनवाने में असमर्थ थे।

मेडिकल बोर्ड द्वारा परीक्षण

शिविर में जिला मेडिकल बोर्ड सागर की विशेषज्ञ टीम द्वारा कुल 55 दिव्यांगजनों का परीक्षण किया गया। इसमें विभिन्न प्रकार की दिव्यांगताओं का आंकड़ा इस प्रकार रहा—

  • अस्थिबाधित: 30
  • दृष्टिबाधित: 5
  • श्रवणबाधित: 7
  • मानसिक/बहुविकलांग: 13

यह आंकड़े दर्शाते हैं कि जिले में विभिन्न प्रकार की दिव्यांगताओं से प्रभावित बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों की मौजूदगी से मिला लाभ

मेडिकल बोर्ड की टीम द्वारा मौके पर ही परीक्षण किए जाने से बच्चों और उनके परिजनों को बार-बार अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़े। इससे समय और संसाधनों की बचत हुई और प्रक्रिया सरल बनी।

अधिकारियों की सक्रिय भूमिका

यह पूरा आयोजन जनपद पंचायत सागर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सचिन गुप्ता के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। शिविर में खंड पंचायत अधिकारी श्री सत्येन्द्र जैन, सामाजिक सुरक्षा अधिकारी श्री आदर्श शैलार, ब्लॉक समन्वयक (एसबीएम) श्री अनुपम सराफ सहित अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

दिव्यांगजनों के अधिकारों की दिशा में कदम

दिव्यांग प्रमाण पत्र किसी भी दिव्यांग व्यक्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है। इसके माध्यम से उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, पेंशन, छात्रवृत्ति और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त होता है। ऐसे शिविरों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति इस सुविधा से वंचित न रहे।

ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विशेष लाभकारी

ब्लॉक स्तर पर शिविर आयोजित करने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी आसानी से इसमें भाग ले सकते हैं। इससे उन्हें जिला मुख्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होती और सेवाएं उनके नजदीक उपलब्ध हो जाती हैं।

समावेशी समाज की ओर पहल

इस प्रकार के आयोजन समावेशी समाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं, जहां हर व्यक्ति को समान अवसर और अधिकार मिल सकें। दिव्यांग बच्चों की समय पर पहचान और सहायता से उनके भविष्य को बेहतर बनाया जा सकता है।

निरंतर प्रयासों की आवश्यकता

अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के शिविर आगे भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक सेवाएं पहुंचाई जा सकें। साथ ही लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया जा रहा है, जिससे वे इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें।

सागर जनपद में आयोजित यह ब्लॉक स्तरीय शिविर दिव्यांग बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ है। इससे न केवल उनकी पहचान और प्रमाणन प्रक्रिया सरल हुई है, बल्कि उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है। यदि इसी प्रकार नियमित रूप से ऐसे आयोजन होते रहे, तो निश्चित रूप से दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा और वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे।

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