नॉर्वे चेस में डी गुकेश का खराब दौर जारी: मैग्नस कार्लसन से लगातार तीसरी हार, स्टैंडिंग में पहुंचे सबसे नीचे !

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नॉर्वे चेस में भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश का संघर्ष लगातार जारी है। दुनिया के मौजूदा विश्व चैंपियन गुकेश को चौथे राउंड में दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। यह टूर्नामेंट में उनकी लगातार तीसरी हार रही, जिसके बाद वे अंक तालिका में सबसे निचले स्थान पर पहुंच गए हैं।

ओस्लो में खेले जा रहे इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में कार्लसन ने काले मोहरों से खेलते हुए शानदार रणनीति अपनाई और गुकेश को मात दी। सात बार के नॉर्वे चेस चैंपियन कार्लसन ने इस जीत के साथ शानदार वापसी की है। शुरुआती तीन राउंड में संघर्ष करने के बाद अब वे 4.5 अंकों के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं। वहीं गुकेश 3.5 अंकों के साथ आखिरी स्थान पर खिसक गए हैं।

कार्लसन ने गुकेश की रणनीति पर जताया आश्चर्य

मैच के बाद मैग्नस कार्लसन ने कहा कि उन्हें गुकेश की ओपनिंग देखकर काफी हैरानी हुई। कार्लसन के अनुसार भारतीय खिलाड़ी ने शुरुआत में जरूरत से ज्यादा आक्रामक रणनीति अपनाई, जिसका फायदा उन्हें मिला।

कार्लसन ने कहा कि गुकेश जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी के खिलाफ हर मुकाबला चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन इस बार उन्होंने कुछ जोखिम भरे फैसले लिए, जिससे उन्हें दबाव बनाने का मौका मिल गया। अनुभवी कार्लसन ने धीरे-धीरे मैच पर नियंत्रण बनाया और अंत में जीत हासिल कर ली।

शतरंज विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार मैचों के दबाव और आक्रामक खेलने की कोशिश में गुकेश कुछ रणनीतिक गलतियां कर रहे हैं। हालांकि उनकी प्रतिभा और क्षमता को देखते हुए यह माना जा रहा है कि वे जल्द ही वापसी कर सकते हैं।

विश्व चैंपियन बनने के बाद पहली बड़ी चुनौती

डी गुकेश हाल ही में विश्व शतरंज चैंपियन बने थे और इसके बाद यह उनका सबसे बड़ा टूर्नामेंट माना जा रहा है। दुनियाभर के दिग्गज खिलाड़ियों के बीच खेलते हुए उनसे काफी उम्मीदें थीं, लेकिन अब तक टूर्नामेंट उनके लिए कठिन साबित हुआ है।

लगातार तीन हार के बाद भारतीय फैंस जरूर निराश हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि युवा खिलाड़ियों के करियर में ऐसे दौर आते रहते हैं। महत्वपूर्ण यह है कि खिलाड़ी मानसिक रूप से मजबूत रहकर वापसी करे।

प्रज्ञानानंदा का शानदार प्रदर्शन जारी

जहां एक ओर गुकेश संघर्ष कर रहे हैं, वहीं भारत के दूसरे युवा ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा है। उन्होंने जर्मनी के विन्सेंट कीमर को आर्मगेडन टाईब्रेक में हराकर दूसरा स्थान बरकरार रखा।

दोनों खिलाड़ियों के बीच क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहा था, जिसके बाद आर्मगेडन टाईब्रेक खेला गया। इसमें प्रज्ञानानंदा ने केवल 17 चालों में शानदार जीत दर्ज की। इस जीत के साथ उनके कुल 6 अंक हो गए हैं और वे टूर्नामेंट में दूसरे स्थान पर बने हुए हैं।

प्रज्ञानानंदा इससे पहले मैग्नस कार्लसन को भी हराकर चर्चा में आए थे। लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के कारण उन्हें टूर्नामेंट के मजबूत दावेदारों में गिना जा रहा है।

अलीरेजा फिरोजा शीर्ष पर कायम

टूर्नामेंट में अलीरेजा फिरोजा शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। वे 8.5 अंकों के साथ अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर बने हुए हैं। फिरोजा ने अब तक बेहद संतुलित और आक्रामक खेल दिखाया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले राउंड्स में प्रज्ञानानंदा और कार्लसन उन्हें कड़ी चुनौती दे सकते हैं।

महिला वर्ग में दिव्या देशमुख को हार

महिला वर्ग में भारत की युवा खिलाड़ी दिव्या देशमुख को डिफेंडिंग चैंपियन अन्ना मुजिचुक के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।

दिव्या पहली बार आर्मगेडन मुकाबले में हारीं। हालांकि इसके बावजूद वे 5.5 अंकों के साथ संयुक्त तीसरे स्थान पर बनी हुई हैं। पूरे टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन अब तक काफी प्रभावशाली रहा है।

वहीं भारत की अनुभवी खिलाड़ी कोनेरू हम्पी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। वे महिला वर्ग की अंक तालिका में आखिरी स्थान पर बनी हुई हैं।

भारतीय खिलाड़ियों पर टिकी नजरें

नॉर्वे चेस दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित शतरंज टूर्नामेंट्स में से एक माना जाता है। इसमें दुनिया के शीर्ष खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। इस बार भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर विशेष नजर बनी हुई है क्योंकि भारत के युवा खिलाड़ी लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर रहे हैं।

हालांकि गुकेश के लिए यह टूर्नामेंट अब तक चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन शतरंज विशेषज्ञों का मानना है कि उनमें वापसी करने की पूरी क्षमता है। वहीं प्रज्ञानानंदा ने अपने प्रदर्शन से एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं।

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