सागर जिले के बीना क्षेत्र में संपत्ति ऋण दिलाने का झांसा देकर ग्रामीणों से लाखों रुपये की ठगी का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि एक डीएसए (डायरेक्ट सेलिंग एजेंट) कंपनी के संचालक रहीम खान और उनके सहयोगी हरनाम सिंह विश्वकर्मा ने बैंक से प्रॉपर्टी लोन दिलाने के नाम पर लोगों से लॉगिन फीस, प्रोसेसिंग चार्ज और अन्य शुल्क के नाम पर मोटी रकम वसूली, लेकिन न तो किसी को ऋण मिला और न ही जमा की गई राशि लौटाई गई।

एक साल से चल रहा था ठगी का खेल
पीड़ित ग्रामीणों का आरोप है कि करीब एक साल पहले दोनों आरोपियों ने क्षेत्र में कार्यालय खोलकर ग्रामीणों को कम ब्याज दर पर संपत्ति ऋण दिलाने का भरोसा दिलाया था। विश्वास में लेकर अलग-अलग लोगों से हजारों रुपये से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक की रकम वसूली गई। शुरुआत में कुछ दिनों तक फाइल प्रोसेस होने का हवाला दिया गया, लेकिन समय बीतने के बावजूद न तो ऋण स्वीकृत हुआ और न ही रकम वापस की गई।
इन ग्रामीणों से हुई ठगी
पीड़ितों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार—
- लालसिंह लोधी (ग्राम लायरा, कुरवाई) से 56,200 रुपये
- संतोष कुमार अहिरवार (ग्राम रामपुर, बीना) से 30 से 40 हजार रुपये
- अरविंद पटेल (ग्राम गिरौल, बीना) से 30,000 रुपये
- नरेश कुमार अहिरवार (आचवल वार्ड, बीना) से 10,200 रुपये
- राजकुमार अहिरवार (ग्राम सतौरिया, बीना) से 65,000 रुपये
- जगन्नाथ विश्वकर्मा (ग्राम पालीखेड़ा, बीना) से 50,000 रुपये
- रामकुमारी अहिरवार (ग्राम आरोली) एवं उनके भाई दीवान सिंह लोधी (ग्राम रेता मुहासा, बीना) से 1,50,000 रुपये
इसके अलावा मुस्तफा, कल्याण सिंह रमेरिया, रामसेवक, रमाकांत, कृष्णपाल यादव, नेतराम, नरेंद्र अहिरवार, राम सहाय चढ़ार, अंगद सहित कई अन्य ग्रामीणों से भी रकम वसूली गई है। पीड़ितों का दावा है कि कुल ठगी की राशि लाखों रुपये में है।
तहसील कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
शुक्रवार दोपहर बड़ी संख्या में पीड़ित ग्रामीण बीना तहसील कार्यालय पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ लिखित ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने प्रशासन से डीएसए कंपनी के कार्यालय को तत्काल सील करने, सभी दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त करने, ठगी की गई पूरी राशि वापस दिलाने और दोनों आरोपियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की।
ज्ञापन सौंपने वालों में नरेश बौद्ध, इंदर सिंह ठाकुर सहित कई पीड़ित आवेदक मौजूद रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
प्रशासन और पुलिस से कार्रवाई की मांग
पीड़ितों का कहना है कि आरोपी खुलेआम कार्यालय संचालित कर ग्रामीणों को गुमराह कर रहे हैं। अब मामले के उजागर होने के बाद ग्रामीणों को न्याय की उम्मीद है। प्रशासन ने ज्ञापन लेकर मामले की जांच का आश्वासन दिया है। वहीं, पीड़ितों की मांग है कि जल्द से जल्द धोखाधड़ी और ठगी की धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजा जाए, ताकि आगे किसी और के साथ इस तरह की ठगी न हो।