मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से एक दर्दनाक और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका ने मरने से पहले एक सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें उन्होंने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए खुदकुशी के लिए जिम्मेदार ठहराया है। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और परिजनों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।

मृतका की पहचान 48 वर्षीय ओमवती मीणा के रूप में हुई है, जो कजलीखेड़ा क्षेत्र की निवासी थीं और थुआखेड़ा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यरत थीं। शुक्रवार शाम को उन्होंने उसी आंगनबाड़ी केंद्र में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। बताया जा रहा है कि घटना के समय वह केंद्र में अकेली थीं, जबकि अन्य महिला कर्मचारी बच्चों को लेने गांव गई हुई थीं।
जब सहकर्मी वापस लौटीं, तो उन्होंने ओमवती को पंखे से दुपट्टे के सहारे लटका हुआ पाया। यह दृश्य देखकर वह घबरा गईं और तुरंत गांव के लोगों को सूचना दी। इसके बाद ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा कार्रवाई की और शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया।

शनिवार को परिजनों ने पुलिस को एक डायरी सौंपी, जिसमें मृतका द्वारा लिखा गया दो पन्नों का सुसाइड नोट मिला। इस नोट में ओमवती मीणा ने अपने पति राजेश मीणा पर मानसिक प्रताड़ना, उपेक्षा और आर्थिक शोषण जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
सुसाइड नोट के अनुसार, ओमवती ने लिखा कि उनके पति लंबे समय से उन्हें परेशान कर रहे थे। उन्होंने बिना तलाक लिए दूसरी शादी कर ली थी और दूसरी पत्नी के साथ रह रहे थे। ओमवती से उनका कोई संपर्क नहीं था और न ही वे कोई जिम्मेदारी निभा रहे थे। इसके बावजूद वे उन्हें फोन कर गालियां देते और धमकाते रहते थे।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पति ने उनके नाम पर कार फाइनेंस कराई, लेकिन उसका उपयोग खुद करते रहे, जबकि उसकी किस्तें ओमवती के खाते से कटती रहीं। इस आर्थिक और मानसिक दबाव ने उन्हें बेहद परेशान कर दिया था। उन्होंने नोट में लिखा कि वह अपनी मेहनत और काबिलियत से नौकरी तक पहुंचीं, लेकिन उनके पति ने उनके जीवन को नर्क बना दिया।
सुसाइड नोट में उन्होंने साफ तौर पर लिखा कि उनकी मौत के लिए उनके पति ही जिम्मेदार हैं और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने अपने बेटे और बहू को उनका हक दिलाने की बात भी लिखी।

मृतका के दामाद कपिल मारण ने भी पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ओमवती अपने पति की प्रताड़ना से बेहद परेशान थीं। पति ने दूसरी शादी कर ली थी और वर्षों से उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। उन्होंने यह भी बताया कि ओमवती अपने बेटे के साथ मायके में रह रही थीं और लगातार तनाव में थीं।
घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। सुसाइड नोट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के बाद मामले में उचित धाराओं के तहत केस दर्ज किया जाएगा।
यह घटना घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर करती है, जो कई बार लोगों को आत्महत्या जैसे कदम उठाने पर मजबूर कर देते हैं। समाज में ऐसे मामलों को गंभीरता से लेने और पीड़ितों को समय रहते सहायता उपलब्ध कराने की आवश्यकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसिक तनाव और पारिवारिक विवादों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। समय पर काउंसलिंग और कानूनी सहायता मिलने से कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
फिलहाल, ओमवती मीणा की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीद जता रहे हैं। यह मामला न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि रिश्तों में बढ़ती दूरी और प्रताड़ना किस हद तक घातक साबित हो सकती है।