मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कलेक्टरों को दिए सख्त निर्देश: जनता की शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ करें समयसीमा में निराकरण !

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अनुराग जैन ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों और विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आमजन की समस्याओं और शिकायतों का निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा लागू लोक सेवाओं के प्रदाय की गारंटी अधिनियम का उद्देश्य लोगों को निर्धारित समय सीमा में सेवाएं उपलब्ध कराना है, इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि एक भी प्रकरण समयसीमा से बाहर न जाए।

मुख्य सचिव श्री जैन यह निर्देश वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित विकास कार्यों एवं विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान दे रहे थे। बैठक में प्रदेश के सभी संभागायुक्त, कलेक्टर एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता को समय पर राहत और समाधान उपलब्ध कराना भी उतना ही आवश्यक है।

बैठक में कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने नरवाई जलाने की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया कि किसानों को नरवाई जलाने से होने वाले पर्यावरणीय और कृषि संबंधी नुकसान के बारे में जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि खेतों में फसल अवशेष जलाने से भूमि की उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है और पर्यावरण प्रदूषण भी बढ़ता है। इसलिए प्रशासन किसानों से लगातार संवाद स्थापित करे और उन्हें वैकल्पिक उपायों के लिए प्रेरित करे।

पशुपालन विभाग द्वारा संचालित हिरण्यगर्भा अभियान की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए यह अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान का प्रभावी और परिणाममूलक क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए ताकि पशुपालकों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके और प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हो।

उद्यानिकी विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान श्री जैन ने कहा कि मध्यप्रदेश में कृषि उत्पादन लगातार बढ़ रहा है, लेकिन किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए फूड प्रोसेसिंग और कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं का विस्तार जरूरी है। उन्होंने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि जिले स्तर पर किसानों को फूड प्रोसेसिंग यूनिट और कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। साथ ही इस संबंध में किसानों को तकनीकी और प्रशासनिक मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाए।

राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने किसानों से जुड़े बंटवारा, नामांतरण और सीमांकन जैसे मामलों के समयबद्ध निराकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए तथा उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

खनिज विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने प्रदेश में अवैध खनन, परिवहन और खनिजों के अवैध भंडारण के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि माइनिंग एक्ट के तहत अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि राजस्व हानि को रोका जा सके और खनिज संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित हो।

बैठक में जल संवर्धन अभियान, किसान कल्याण एवं कृषि विकास, खाद्य प्रसंस्करण, कुटीर एवं ग्रामोद्योग, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास, नगरीय विकास एवं आवास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, गृह, परिवहन, स्वास्थ्य, लोक सेवा प्रबंधन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, जनजातीय कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, पशुपालन, मत्स्य, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सहित कई विभागों की योजनाओं और कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में एनआईसी कक्ष सागर से Anil Suchari, Pratibha Pal, Anurag Sujania, जिला पंचायत सीईओ विवेक केवी, नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री, संयुक्त आयुक्त विकास राकेश शुक्ला, अपर कलेक्टर अविनाश रावत तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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