श्री राम कथा में युवा नेता अविराज सिंह का ओजस्वी उद्बोधन श्री राम का जीवन संतुलन, विनम्रता और शक्ति का अद्वितीय संगम !

Spread the love

सागर। शारदा नगर में आयोजित श्री राम कथा में युवा नेता अविराज सिंह ने भगवान श्री राम के चरित्र, मर्यादा और राम नाम के आध्यात्मिक महत्व पर प्रेरणापूर्ण उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि “भगवान श्री राम ने युवाओं को जीवन के हर क्षेत्र में संतुलन और संयम रखने का संदेश दिया है। उनसे उत्तम भाई, पति, पिता, पुत्र, मित्र या राजा कोई नहीं हुआ।”


“वनवास मिला तो प्रसन्न हुए, राम से सीखें हर परिस्थिति में खुश रहना”

अविराज सिंह ने श्री रामचरित मानस के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्री राम हर परिस्थिति में प्रसन्न रहकर जीवन का संदेश देते हैं।
उन्होंने कहा—
“जब महाराज दशरथ ने वनवास दिया तो श्री राम ने यह नहीं कहा कि राज्य छीन लिया, बल्कि बोले—आपने मुझे अयोध्या का छोटा-सा राज्य नहीं छीना, बल्कि संपूर्ण वन का विशाल राज्य दे दिया।”


“राम विनम्रता के प्रतीक—मंथरा को भी माँ कहा”

अपने संबोधन में अविराज सिंह ने भगवान राम की विनम्रता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि चौदह वर्ष बाद अयोध्या लौटने पर भी उन्होंने मंथरा को माँ का दर्जा दिया।
उन्होंने कहा—
“जो व्यक्ति गलती कर चुका हो, उससे भी प्रेम और क्षमा का व्यवहार ही रामत्व है।”


“युद्ध टालना चाहते थे, लेकिन धर्म की रक्षा हेतु बने विश्व के श्रेष्ठ योद्धा”

युवा नेता ने कहा कि भगवान राम अपार शक्ति के धनी थे, परंतु उन्होंने युद्ध को अंतिम विकल्प माना। जब धर्म रक्षा के लिए युद्ध अनिवार्य हुआ, तब उन्होंने ऐसा पराक्रम दिखाया कि आज भी उन्हें विश्व का सर्वश्रेष्ठ योद्धा माना जाता है।


राम नाम का आध्यात्मिक महत्व बताया

उन्होंने कहा—
“राम नाम में चारों युग, तीनों काल और तीनों लोक समाए हैं। हमारे जीवन की शुरुआत राम नाम से होती है और अंतिम यात्रा भी राम नाम सत्य से होती है।”
उन्होंने कहा कि भगवान राम ने हमें मर्यादा, मातृ-शक्ति का सम्मान और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया है।


रूद्राक्ष धाम में दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा 1 फरवरी 2026 को

उद्बोधन के अंत में अविराज सिंह ने सभी श्रद्धालुओं को आमंत्रित करते हुए कहा कि उनके पूज्य पिताजी, पूर्व गृहमंत्री एवं विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह द्वारा सागर स्थित रूद्राक्ष धाम में दक्षिण मुखी हनुमान जी का भव्य मंदिर निर्माणाधीन है।
इसकी प्राण-प्रतिष्ठा 1 फरवरी 2026 को होगी।

श्री राम कथा 31 जनवरी से 8 फरवरी 2026 तक

  • कथा वाचक: परम पूज्य श्री प्रेम भूषण जी महाराज
  • आयोजन स्थल: रूद्राक्ष धाम, सागर
  • आयोजन: श्यामसुंदर चौबे
  • प्रमुख उपस्थितगण: पं. मनोज व्यास, सुश्री तपस्या तिवारी, पं. राघवेन्द्र शुक्ला

अंत में अविराज सिंह ने कहा—
“सभी रामभक्त इस दिव्य आयोजन में शामिल होकर श्री राम और श्री हनुमान जी की कृपा प्राप्त करें।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *