ठगों ने निजी नौकरी दिलाने और निवेश पर अच्छा मुनाफा मिलने का झांसा देकर व्यापारी से अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवा ली। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने केसली थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने धोखाधड़ी का प्रकरण कायम कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, फरियादी विपेंद्र यादव, निवासी केसली, खेती-किसानी के साथ-साथ रेत का व्यापार करते हैं। उन्होंने बताया कि 15 अप्रैल 2025 को उनके व्हाट्सएप नंबर पर रश्मिका नाम की महिला ने संपर्क किया। महिला ने खुद को किसी निजी कंपनी से जुड़ा बताते हुए उन्हें प्राइवेट जॉब दिलाने और लगाए गए पैसों पर बेहतर मुनाफा दिलाने का भरोसा दिलाया।
महिला की बातों में आकर फरियादी ने निवेश करना शुरू कर दिया। 22 अप्रैल 2025 से 22 सितंबर 2025 के बीच आरोपियों ने उनसे अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1 करोड़ 26 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। यह पूरी राशि फरियादी ने अपने स्वयं के बैंक खातों से भेजी।

फरियादी ने पुलिस को बताया कि इतनी बड़ी रकम उनके पास उपलब्ध नहीं थी, इसलिए उन्होंने रिश्तेदारों और दोस्तों से उधार लेकर पैसे जुटाए और आरोपियों के बताए गए खातों में भेजे। लेकिन रकम ट्रांसफर होने के बाद न तो उन्हें कोई नौकरी दी गई और न ही किसी तरह का मुनाफा मिला।
जब फरियादी ने पैसे वापस मांगने के लिए रश्मिका और उसके साथियों से संपर्क किया तो वे टालमटोल करने लगे। बाद में आरोपियों ने फोन उठाना भी बंद कर दिया और अब पैसे लौटाने से साफ इनकार कर रहे हैं। इसके बाद फरियादी को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने पुलिस की शरण ली।
मामले की शिकायत मिलने पर केसली पुलिस ने रश्मिका कथित निवासी मुंबई सहित अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस द्वारा शिकायत में पेश किए गए बैंक ट्रांजैक्शन, खाता विवरण, मोबाइल नंबर और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान के लिए बैंक खातों की जांच, कॉल डिटेल और तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली जा रही है। जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
यह मामला एक बार फिर ऑनलाइन ठगी, फर्जी नौकरी और निवेश के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाओं की ओर इशारा करता है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अनजान कॉल, व्हाट्सएप मैसेज या निवेश के लालच में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।