सागर। विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी मध्यप्रदेश में शीतकालीन गिद्ध गणना 20 से 22 फरवरी 2026 तक एक साथ की जाएगी। वन संरक्षक, वन वृत्त सागर द्वारा इस गणना के लिए वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व को नोडल बनाया गया है।

इसी क्रम में 12 फरवरी 2026 को गिद्ध प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें मास्टर ट्रेनर श्री दिलशेर खान ने वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (उत्तर सागर), दक्षिण सागर वनमंडल एवं दमोह वनमंडल के वन अमले तथा कंप्यूटर ऑपरेटरों को प्रशिक्षण प्रदान किया।

प्रशिक्षण के दौरान गिद्धों की पहचान, घोंसलों की खोज, विभिन्न प्रजातियों की विशेषताओं तथा संरक्षण उपायों पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही विश्व और भारत में पाई जाने वाली गिद्ध प्रजातियों, उनकी अनुमानित संख्या और संरक्षण की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला गया।

कार्यशाला में वनमंडल अधिकारी से लेकर वनरक्षक और कंप्यूटर ऑपरेटर स्तर तक का अमला उपस्थित रहा। अधिकारियों ने बताया कि यह प्रशिक्षण गिद्ध गणना के दौरान प्रजातियों की सही पहचान और सटीक आंकड़े एकत्र करने में सहायक सिद्ध होगा।
20 से 22 फरवरी 2026 तक वास्तविक गणना कार्य किया जाएगा। इसके बाद एकत्रित आंकड़े वन विहार, भोपाल को भेजे जाएंगे, जहां पूरे प्रदेश से प्राप्त आंकड़ों का संकलन एवं विश्लेषण किया जाएगा। इससे मध्यप्रदेश में पाई जाने वाली गिद्ध प्रजातियों की वर्तमान स्थिति का आकलन किया जा सकेगा।