उज्जैन-जावरा एक्सिस कंट्रोल रोड के विरोध में सोमवार को 50 से अधिक किसानों ने फ्रीगंज स्थित एमपीआरडीसी कार्यालय का घेराव किया। करीब 2500 करोड़ रुपए लागत वाली इस परियोजना में 62 गांवों के 4000 किसानों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है। बाजार मूल्य के अनुरूप मुआवजा और सड़क की ऊंचाई कम करने की मांग को लेकर किसानों ने नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान एक बुजुर्ग किसान अधिकारी के पैर पकड़कर गिड़गिड़ाता दिखा।


किसानों का आरोप है कि एक बीघा जमीन का बाजार मूल्य एक करोड़ से अधिक है, जबकि मुआवजा मात्र 16 लाख मिल रहा है। रोड निर्माण दो साल में पूरा होना है, जिसके लिए रूसी कंपनी को टेंडर दिया गया है। परियोजना में 7 इंटरचेंज, 5 फ्लाईओवर, 2 रेलवे ओवरब्रिज समेत कई संरचनाएं शामिल हैं। एमपीआरडीसी अधिकारियों ने कहा कि किसानों की मांगें उच्च स्तर पर भेज दी गई हैं और समाधान वहीं से संभव होगा।