इंदौर के बाणगंगा क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक महिला की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। महिला गंभीर रूप से घायल अवस्था में रेलवे ट्रैक के पास मिली थी। सूचना मिलने पर जीआरपी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे इलाज के लिए एमवाय अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस फिलहाल पूरे मामले को आत्महत्या की आशंका के आधार पर जांच में ले रही है।
लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन के पास मिला घायल शव
जीआरपी पुलिस के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे निकिता परमार (35), पत्नी मुकेश परमार, निवासी कर्मा नगर, बाणगंगा, लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 के पास घायल हालत में पड़ी मिली थी। रेलवे क्षेत्र में ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत एंबुलेंस बुलाकर महिला को एमवाय अस्पताल भिजवाया। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन गंभीर चोटों के चलते उसकी जान नहीं बच सकी।

मोबाइल से हुई पहचान, परिजनों को दी गई सूचना
घटना के बाद पुलिस को महिला के पास से उसका मोबाइल फोन मिला, जिसके जरिए उसकी पहचान की गई। मोबाइल में सेव नंबरों के आधार पर पुलिस ने कन्नोद में रहने वाले उसके भाई से संपर्क किया। भाई ने यह जानकारी इंदौर में रह रहे चाचा संतोष परमार (निवासी राजनगर) को दी। इसके बाद चाचा ने महिला के पति मुकेश परमार को फोन कर निकिता के बारे में जानकारी ली।
घर से रहस्यमय ढंग से निकलने की बात आई सामने
पति मुकेश ने बताया कि जब उनसे निकिता के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वह कमरे में नहीं है, शायद बाहर गई होगी। इसके बाद जब वह बाहर देखने पहुंचे तो पाया कि घर का दरवाजा बाहर से बंद था। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि निकिता खुद ही दरवाजा बंद कर घर से निकली थी।
परिजनों के अनुसार, निकिता रात में अपने तीन माह के बेटे के साथ कमरे में सोई थी। कब वह बच्चे को छोड़कर घर से निकल गई, इसकी किसी को जानकारी नहीं हो सकी। महिला का घर घटनास्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
पारिवारिक स्थिति सामान्य, तनाव के संकेत नहीं
पति मुकेश ने पुलिस को बताया कि रात में पति-पत्नी के बीच सामान्य बातचीत हुई थी। कुछ दिन पहले ही निकिता मायके से लौटकर आई थी। परिजनों का कहना है कि उसे किसी तरह की बीमारी या मानसिक परेशानी नहीं थी। परिवार में किसी विवाद की बात भी सामने नहीं आई है।
परिवार ने बताया कि निकिता की शादी को करीब 13 साल हो चुके थे और काफी मन्नतों के बाद तीन माह पहले ही उन्हें बेटा हुआ था। पति मुकेश और ससुर सिलाई का काम करते हैं। घटना की सूचना मिलते ही कन्नोद से परिजन इंदौर पहुंच गए हैं। मासूम बच्चे और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस कर रही हर पहलू से जांच
जीआरपी पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराकर आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि यह हादसा था या आत्महत्या, इसका स्पष्ट खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों की जांच के बाद ही हो सकेगा। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों, ट्रेन के समय और परिजनों के बयानों के आधार पर मामले की गहन पड़ताल की जा रही है।