दमोह के बहुचर्चित मिशन अस्पताल प्रकरण में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। ऑपरेशन के बाद सात मरीजों की मौत के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे प्रबंधन समिति के दो सदस्यों को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को शुक्रवार रात दमोह लाया गया है, जिन्हें शनिवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
भोपाल से हुई एक आरोपी की गिरफ्तारी
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में फ्रैंक हैरिसन उर्फ बबला और आसमा न्यूटन शामिल हैं। इस संबंध में सीएसपी एच.आर. पांडे ने जानकारी देते हुए बताया कि फ्रैंक हैरिसन को भोपाल से गिरफ्तार किया गया है, जबकि दूसरे आरोपी को भी गहन तलाश के बाद पुलिस ने पकड़ा है। दोनों आरोपी घटना के बाद से लगातार फरार चल रहे थे और पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी।

अप्रैल में उजागर हुआ था गंभीर मामला
गौरतलब है कि यह मामला अप्रैल माह में सामने आया था, जब मिशन अस्पताल में ऑपरेशन के बाद एक के बाद एक सात मरीजों की मौत हो गई थी। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त जांच में अस्पताल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही, नियमों की अनदेखी और अव्यवस्थाएं उजागर हुई थीं।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अस्पताल में एक फर्जी डॉक्टर द्वारा ऑपरेशन किए जा रहे थे। इस मामले में एन. जॉन केम उर्फ नरेंद्र यादव को प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया था, जो फिलहाल जेल में बंद है।
अस्पताल का लाइसेंस निलंबित, संचालन बंद
मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन ने मिशन अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर अस्पताल को पूरी तरह बंद कर दिया है। इस प्रकरण में अस्पताल की प्रबंधन समिति के कुल नौ सदस्यों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। इनमें से एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि अब दो और आरोपियों की गिरफ्तारी से पुलिस को अहम सफलता मिली है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश अभी जारी है। अधिकारियों के अनुसार, सभी साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मिशन अस्पताल प्रकरण में लगातार हो रही गिरफ्तारियों से पीड़ित परिवारों को न्याय की उम्मीद बंधी है, वहीं पुलिस की कार्रवाई को स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।