नई दिल्ली।
भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच करीब दो दशक से लंबित मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement – FTA) अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने मंगलवार को दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दौरान इस डील को “मदर ऑफ ऑल डील्स” करार देते हुए कहा कि यह समझौता दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए गेम-चेंजर साबित होगा।
उर्सुला के मुताबिक, यह FTA करीब 200 करोड़ लोगों के लिए एक साझा बाजार तैयार करेगा, जो वैश्विक GDP के लगभग 25% का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने संकेत दिए कि इस ऐतिहासिक समझौते की औपचारिक घोषणा 27 जनवरी को होने वाले भारत-EU समिट में की जा सकती है।
25 से 27 जनवरी तक भारत दौरे पर रहेंगी उर्सुला
यूरोपीय कमीशन चीफ उर्सुला वॉन डेर लेयेन 25 से 27 जनवरी के बीच भारत दौरे पर रहेंगी। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता होगी।

इसी दौरे में:
- भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के पूरा होने की घोषणा
- रक्षा सहयोग समझौता
- 2026-2030 के लिए नई रणनीतिक साझेदारी योजना
जैसे बड़े फैसले सामने आ सकते हैं।
FTA से क्या होगा फायदा?
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने बताया कि इस समझौते से भारत और EU—दोनों को बड़े आर्थिक फायदे होंगे।
- व्यापार में जबरदस्त बढ़ोतरी:
भारत-EU व्यापार 2023-24 में 137.41 बिलियन डॉलर रहा। FTA लागू होने के बाद इसके दोगुना होने की उम्मीद है। - टैरिफ में कटौती:
सामान और सेवाओं पर लगने वाले आयात-निर्यात शुल्क कम होंगे, जिससे व्यापार आसान और सस्ता होगा। - नए बाजारों तक पहुंच:
भारतीय कंपनियों को यूरोप के 27 देशों में और यूरोपीय कंपनियों को भारत के विशाल बाजार में बेहतर अवसर मिलेंगे। - निवेश और टेक्नोलॉजी सहयोग:
मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी, डिजिटल टेक्नोलॉजी और रक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा।
ट्रम्प टैरिफ वॉर के बीच भारत-EU की बड़ी चाल
यह समझौता ऐसे समय पर सामने आ रहा है, जब अमेरिका की नई टैरिफ नीतियों और व्यापारिक प्रतिबंधों ने वैश्विक सप्लाई चेन को झटका दिया है।
डोनाल्ड ट्रम्प की ‘टैरिफ वॉर’ से:
- भारत
- यूरोपीय यूनियन के सभी 27 देश
प्रभावित हुए हैं।
ऐसे में भारत और EU ने यह तय किया है कि वे एक-दूसरे के साथ व्यापारिक रिश्ते मजबूत करके अमेरिकी टैरिफ दबाव का मुकाबला करेंगे। भारत के लिए यह डील यूरोपीय बाजारों में अपने उत्पादों की पहुंच बढ़ाने का बड़ा मौका है।

गणतंत्र दिवस पर यूरोपीय नेता होंगे मुख्य अतिथि
इस बार भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोप की बड़ी मौजूदगी देखने को मिलेगी।
- यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा
- यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन
मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
यह पहली बार है जब यूरोपीय यूनियन के शीर्ष नेतृत्व को भारत के गणतंत्र दिवस में इतनी प्रमुख भूमिका दी जा रही है, जिसे भारत-EU रिश्तों में नई ऊंचाई के तौर पर देखा जा रहा है।
19 साल का लंबा इंतजार अब खत्म
भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की कहानी लंबी और जटिल रही है।
- 2007: FTA पर बातचीत की शुरुआत
- 2013: नियमों और महत्वाकांक्षाओं में मतभेद के कारण वार्ता रुकी
- जून 2022: करीब 9 साल बाद फिर से बातचीत शुरू
- 2026 की शुरुआत: समझौते के फाइनल होने की उम्मीद
अब लगभग 19 साल बाद यह डील हकीकत बनने जा रही है।
UK के साथ FTA के बाद EU पर फोकस
भारत इससे पहले 24 जुलाई को यूनाइटेड किंगडम के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन कर चुका है।
UK डील के तहत:
- भारत के 99% उत्पाद UK में जीरो टैरिफ पर जाएंगे
- UK के 99% उत्पाद भारत में औसतन 3% टैरिफ पर आएंगे
- 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 120 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना है
अब EU के साथ FTA भारत को वैश्विक व्यापार में और मजबूत स्थिति में लाएगा।
क्यों ऐतिहासिक है यह डील?
विशेषज्ञों के मुताबिक भारत-EU FTA:
- वैश्विक सप्लाई चेन को नया आकार देगा
- भारत को चीन पर निर्भरता कम करने में मदद करेगा
- भारत को यूरोप का प्रमुख रणनीतिक और आर्थिक साझेदार बनाएगा
इसी वजह से उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसे “मदर ऑफ ऑल डील्स” कहा है। यह समझौता आने वाले वर्षों में भारत और यूरोप—दोनों की आर्थिक दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।