सागर में नर्स हत्याकांड का खुलासा: एकतरफा प्यार में मौसेरे भाई ने मारी तीन गोलियां, 24 घंटे में पुलिस ने सुलझाई गुत्थी !

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सागर जिले के शाहगढ़ में नर्स दीपशिखा चढ़ार की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर बड़ा खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस जघन्य वारदात को किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि दीपशिखा के मौसेरे भाई सुशील आठ्या ने अंजाम दिया। आरोपी दीपशिखा से एकतरफा प्यार करता था और उससे शादी करना चाहता था। लगातार इनकार और दूरी बनाए जाने से नाराज होकर उसने हत्या की साजिश रची।

पहले से रची थी हत्या की योजना

पुलिस के अनुसार सुशील आठ्या जबलपुर जिले के पनागर का रहने वाला है और फिलहाल बेरोजगार है। वह मंगलवार को ही जबलपुर से सागर पहुंच गया था। पूरे दिन उसने दीपशिखा की दिनचर्या, अस्पताल आने-जाने का रास्ता और समय की रेकी की। बुधवार शाम को वह शाहगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास पहले से मौजूद था और दीपशिखा के पहुंचते ही उसने वारदात को अंजाम दे दिया।

अस्पताल के गेट पर की फायरिंग

एडिशनल एसपी डॉ. संजीव उईके ने बताया कि दीपशिखा चढ़ार (26) मूल रूप से जबलपुर के पाटन की रहने वाली थी और पिछले करीब दो वर्षों से शाहगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नर्स के पद पर कार्यरत थी। वह अस्पताल से लगभग 200 मीटर दूर किराए के कमरे में रहती थी।
बुधवार रात उसकी ड्यूटी रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक थी। ड्यूटी के लिए वह पैदल अस्पताल जा रही थी। जैसे ही वह अस्पताल के गेट के पास पहुंची, आरोपी सुशील ने उसका हाथ पकड़ लिया। दीपशिखा ने विरोध किया तो उसने उसे धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया और जेब से कट्टा निकालकर तीन गोलियां चला दीं। एक गोली चूक गई, जबकि दो गोलियां उसकी पीठ से होती हुई दिल तक जा पहुंचीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

साथ पढ़ाई, वहीं से शुरू हुआ विवाद

पुलिस जांच में सामने आया है कि दीपशिखा और सुशील ने नर्सिंग का कोर्स साथ-साथ किया था। दीपशिखा की नौकरी स्वास्थ्य विभाग में लगने के बाद वह शाहगढ़ आ गई, जबकि सुशील को नौकरी नहीं मिल सकी। इसी दौरान वह लगातार दीपशिखा पर शादी का दबाव बनाने लगा। दीपशिखा के मना करने और बातचीत बंद करने से सुशील के मन में गुस्सा और बदले की भावना बढ़ती चली गई।

पहले भी की थी थाने में शिकायत

एडिशनल एसपी ने बताया कि दीपशिखा ने कुछ समय पहले जबलपुर के पाटन थाने में सुशील के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। दोनों पक्षों को बुलाकर समझाइश दी गई थी और आरोपी ने माफी मांग ली थी, जिसके बाद उस समय मामला शांत हो गया था। हालांकि, अंदर ही अंदर सुशील ने रंजिश पाल ली और हत्या की योजना बना डाली।

आरोपी फरार, कई टीमें तलाश में जुटीं

वारदात के बाद फायरिंग की आवाज सुनकर अस्पताल में मौजूद लोग बाहर आए और आरोपी को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह जंगल की ओर भाग गया। पुलिस ने मौके से सबूत जुटाए हैं और शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें बनाई गई हैं। एक टीम जबलपुर के पनागर में दबिश दे रही है, जबकि अन्य टीमें उसके रिश्तेदारों और परिचितों के यहां तलाश कर रही हैं।

परिजनों का चक्काजाम, गिरफ्तारी की मांग

गुरुवार को दीपशिखा के परिजन शाहगढ़ पहुंचे। हत्या से आक्रोशित परिजनों ने सागर-कानपुर हाईवे पर चक्काजाम कर दिया और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी तथा कड़ी कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश के बाद जाम खुलवाया गया।

शाहगढ़ थाना प्रभारी संदीप खरे ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे और जांच में सामने आए सभी बिंदुओं पर गहनता से कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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