सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) में कैंसर मरीजों के लिए बड़ी राहत की पहल की गई है। यहां सर्जरी विभाग में अत्याधुनिक ओंको-सर्जरी वार्ड की शुरुआत की गई है, जिसका उद्घाटन डीन डॉ. पीएस ठाकुर ने रिबन काटकर किया। इस नई सुविधा से अब कैंसर मरीजों को सर्जरी से पहले और ऑपरेशन के बाद की विशेष देखभाल एक ही स्थान पर मिल सकेगी।
डीन डॉ. ठाकुर ने बताया कि बीएमसी में कैंसर सर्जरी कराने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिसके चलते एक समर्पित ओंको-सर्जरी वार्ड की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इस वार्ड के शुरू होने से मरीजों को अधिक व्यवस्थित और बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी।

अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राजेश जैन और सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. दीपक श्रीवास्तव ने इस पहल को कैंसर के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम में डॉ. सुनील सक्सेना, डॉ. अखिलेश रत्नाकर और डॉ. जितेन्द्र डांगी सहित कई वरिष्ठ डॉक्टर उपस्थित रहे।
कैंसर विशेषज्ञ और विभागाध्यक्ष डॉ. सुशील गौर ने बताया कि देश में कैंसर के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। अनुमान है कि वर्ष 2026 के अंत तक भारत में नए कैंसर मरीजों की संख्या 15 लाख के पार पहुंच सकती है। बीएमसी में भी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2025 में जहां 649 नए मरीज सामने आए, वहीं कुल 3294 मरीजों का उपचार और परामर्श किया गया। इसके अलावा 1132 मरीजों को भर्ती कर कीमोथेरेपी दी गई।
उन्होंने यह भी बताया कि पुरुषों में मुंह, गले और फेफड़ों का कैंसर अधिक पाया जा रहा है, जबकि महिलाओं में स्तन और सर्वाइकल (बच्चेदानी) कैंसर के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि लगभग 70 प्रतिशत कैंसर के मामलों को सही जीवनशैली और समय पर जांच के माध्यम से रोका जा सकता है।
बीएमसी के मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन ने जानकारी दी कि यहां कैंसर से जुड़ी सभी जांचें और उपचार पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध हैं। इस नई सुविधा से विशेष रूप से गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बड़ा लाभ मिलेगा, जिन्हें अब महंगे इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा।

नया ओंको-सर्जरी वार्ड सामान्य वार्ड से अलग बनाया गया है, जिससे संक्रमण का खतरा कम होगा और मरीजों को विशेष देखभाल मिल सकेगी। इसे आधुनिक चिकित्सा आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किया गया है, जिससे कैंसर सर्जरी और उपचार की गुणवत्ता में सुधार होगा।
इस पहल से सागर सहित आसपास के जिलों के हजारों कैंसर मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है और क्षेत्रीय स्तर पर ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।