तेज आंधी में आम का पेड़ कार पर गिरा, ओमनी दो हिस्सों में टूटी सड़क घंटों रही बाधित !

Spread the love

दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में तेज आंधी और मौसम के अचानक बदले मिजाज ने एक बड़ा नुकसान कर दिया। बटियागढ़ ब्लॉक में सोमवार देर रात अस्पताल के सामने खड़ी एक ओमनी कार पर विशाल आम का पेड़ गिर गया, जिससे कार पूरी तरह चकनाचूर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि कार दो हिस्सों में बंट गई। गनीमत रही कि घटना के समय कार में कोई मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि टल गई।

यह घटना सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब एक बजे की बताई जा रही है। रात के समय क्षेत्र में तेज हवाएं चल रही थीं और मौसम अचानक बिगड़ गया था। इसी दौरान सड़क किनारे खड़ा पुराना आम का पेड़ जड़ से उखड़कर पास में खड़ी कार पर जा गिरा।

मंगलवार सुबह जब स्थानीय लोग बटियागढ़-केरबना मार्ग से गुजर रहे थे, तब उन्हें इस घटना की जानकारी मिली। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पेड़ के नीचे दबकर कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी और उसके हिस्से अलग-अलग दिखाई दे रहे थे।

जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वह क्षेत्र के प्रमुख मार्गों में से एक है। पेड़ गिरने के कारण सड़क पूरी तरह से ब्लॉक हो गई थी, जिससे आवागमन बाधित हो गया। सुबह के समय लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे। सरपंच प्रतिनिधि करण सिंह पटेल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मजदूरों की मदद से पेड़ को कटवाया और सड़क से हटवाया। इसके बाद ही यातायात सामान्य हो सका।

जानकारी के अनुसार, क्षतिग्रस्त हुई ओमनी कार बांदकपुर निवासी अमित पांडे की थी, जो बटियागढ़ क्षेत्र में दूध डेयरी का काम करते हैं। उन्होंने अपनी कार अस्पताल के सामने खड़ी की थी, लेकिन रात में आए तेज तूफान ने उनकी गाड़ी को पूरी तरह तबाह कर दिया। इस घटना से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में कई पुराने और कमजोर पेड़ हैं, जो तेज हवा या बारिश के दौरान गिरने का खतरा पैदा करते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे पेड़ों की पहचान कर समय रहते उन्हें हटाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

इस बीच, मौसम में आए अचानक बदलाव ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। वर्तमान में गेहूं की फसल की कटाई का समय चल रहा है और कई किसानों ने अपनी फसल काटकर खेतों में ही रखी हुई है। ऐसे में तेज आंधी और बारिश से फसल को नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है।

गौरतलब है कि हाल ही में क्षेत्र में आगजनी की कई घटनाएं भी सामने आई हैं, जिनमें कई एकड़ में खड़ी फसल जलकर नष्ट हो गई थी। अब बारिश और तूफान ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। एक ओर जहां आग से फसल बचाना चुनौती बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर मौसम की मार भी किसानों के लिए चिंता का कारण बन गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम और जलवायु परिवर्तन के कारण इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

कुल मिलाकर, यह घटना न केवल एक वाहन के नुकसान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह चेतावनी भी है कि प्राकृतिक आपदाओं के प्रति समय रहते तैयारी और सावधानी बेहद जरूरी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *