मध्यप्रदेश के दमोह जिले में अवैध कच्ची शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई देहात थाना क्षेत्र के जबलपुर नाका चौकी अंतर्गत शुक्रवार रात की गई, जहां पुलिस टीम ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर अवैध शराब के कारोबार पर चोट पहुंचाई। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में कच्ची महुआ शराब और देसी शराब जब्त की गई है, जिससे क्षेत्र में चल रहे अवैध कारोबार का खुलासा हुआ है।
यह पूरा अभियान मध्य प्रदेश पुलिस के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर चलाया जा रहा है। इसी के तहत जबलपुर नाका चौकी प्रभारी प्रियंका पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस ने तीन अलग-अलग मामलों में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों पर आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) के तहत प्रकरण कायम किया गया है, जो अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री से संबंधित है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में किशन तलैया निवासी संजना कुचबंदिया, अर्चना कुचबंदिया और बिजोरी निवासी दुर्गेश यादव शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से लगभग 20 लीटर कच्ची महुआ शराब और 25 पाव लाल मसाला देसी शराब बरामद की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये आरोपी लंबे समय से अवैध रूप से शराब बनाकर क्षेत्र में बेच रहे थे, जिससे न केवल कानून व्यवस्था प्रभावित हो रही थी, बल्कि स्थानीय समाज पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा था।
इस कार्रवाई के पीछे हाल ही में हुई एक दुखद घटना भी प्रमुख कारण मानी जा रही है। बताया गया है कि तीन दिन पहले असाटी वार्ड के एक युवक ने कच्ची शराब के नशे में आत्महत्या कर ली थी। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था और इसके बाद मृतक के परिजनों ने क्षेत्र में अवैध शराब के बढ़ते कारोबार की शिकायत पुलिस से की थी। परिजनों का आरोप था कि किशन तलैया इलाके में बड़े स्तर पर कच्ची शराब का निर्माण और बिक्री हो रही है, जिससे कई परिवार बर्बाद हो रहे हैं।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत कार्रवाई करते हुए दबिश दी। इस दौरान तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और अवैध शराब की खेप जब्त कर ली गई। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई को स्थानीय लोगों ने सराहा है, क्योंकि लंबे समय से इस अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही थी।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अवैध शराब का कारोबार समाज के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। इससे युवाओं में नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है और कई परिवार आर्थिक एवं सामाजिक रूप से टूट रहे हैं। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो इसके दुष्परिणाम और भी गंभीर हो सकते हैं।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के निर्माण और बिक्री में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे इस तरह की गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि प्रशासन अब अवैध शराब के खिलाफ गंभीर है और इसे जड़ से खत्म करने के लिए प्रयासरत है। यदि इसी तरह लगातार सख्त कार्रवाई होती रही, तो निश्चित रूप से क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाया जा सकेगा और समाज को इसके दुष्प्रभावों से बचाया जा सकेगा।