मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार नगरीय निकाय मतदाता सूची पुनरीक्षण 2026 के तहत आज 14 मई 2026 को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में स्टैंडिंग कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने की। बैठक में आगामी पुनरीक्षण कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई और सभी संबंधित पक्षों को प्रक्रिया के विभिन्न चरणों की जानकारी दी गई।

बैठक में प्रारंभिक मतदाता सूची के प्रकाशन से लेकर दावा-आपत्ति प्राप्त करने, उनके निराकरण तथा अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन तक की पूरी प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न छूटे और कोई भी अपात्र नाम सूची में शामिल न रहे, जिससे निर्वाचन प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।
बैठक में उपस्थित अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री रावत ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अपने-अपने बूथ लेवल एजेंट (बी.एल.ए.) शीघ्र नियुक्त करें, ताकि मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में अधिक पारदर्शिता और सहयोग सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि मतदाता सूची की शुद्धता ही लोकतांत्रिक प्रक्रिया की आधारशिला होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि मतदाता सूची में किसी प्रकार की त्रुटि रह जाती है, तो उसका सीधा प्रभाव निर्वाचन की निष्पक्षता पर पड़ सकता है, इसलिए सभी दलों और अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे इस कार्य को गंभीरता से लें और समय पर सहयोग प्रदान करें।

निर्वाचन पर्यवेक्षक (स्थानीय निर्वाचन) ने बैठक में मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य की निगरानी व्यवस्था और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अपनाई जा रही तकनीकी एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूरी प्रक्रिया को आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप डिजिटल और फील्ड स्तर पर सुदृढ़ बनाया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना को समाप्त किया जा सके।
बैठक में उपस्थित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी मतदाता सूची पुनरीक्षण 2026 को व्यवस्थित और निष्पक्ष रूप से संपन्न कराने के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए। उन्होंने प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया और कहा कि वे अपने स्तर पर भी जागरूकता और सत्यापन कार्य में योगदान देंगे।

इस अवसर पर श्री रामेश्वर नामदेव, श्री शैलेन्द्र सिंह तोमर, श्री रामचरण लंबरदार, श्री एस.पी. चौधरी तथा इंजीनियर डी.के. सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही निर्वाचन कार्य से जुड़े विभिन्न विभागीय अधिकारी और कर्मचारी भी बैठक में शामिल हुए।
जिला मास्टर ट्रेनर श्री अमर जैन (प्राध्यापक), श्री मनीष सक्सेना (व्याख्याता) तथा श्री परमानंद सेन (प्रशिक्षण अधिकारी) ने भी पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़े तकनीकी प्रशिक्षण और कार्यप्रणाली पर जानकारी साझा की।
अधिकारियों ने अंत में स्पष्ट किया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य को आयोग के निर्देशों के अनुरूप पूर्ण पारदर्शिता, शुद्धता और समयबद्धता के साथ संपन्न करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यह कार्य लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का आधार है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।