बंडा बृहद सिंचाई परियोजना: प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई, सलैया खुर्द में शासकीय भवन हटाए गए !

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सागर जिले की महत्वाकांक्षी बंडा बृहद सिंचाई परियोजना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई तेज कर दी गई है। कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देशों के अनुपालन में ग्राम सलैया खुर्द में राजस्व विभाग, पुलिस प्रशासन और जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) की संयुक्त टीम ने परियोजना क्षेत्र में स्थित शासकीय भवनों को हटाने की कार्रवाई की। प्रशासन ने ग्रामीणों को आगामी तीन दिवस के भीतर निर्धारित विस्थापन स्थलों पर स्थानांतरित होने की समझाइश भी दी।

यह कार्रवाई अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) आरती यादव के नेतृत्व में संपन्न हुई। इस दौरान तहसीलदार मोहित जैन, नायब तहसीलदार जीसी राय, जल संसाधन विभाग के ईई अनिरुद्ध सिंह तथा एसडीओपी प्रदीप बाल्मीकि सहित पुलिस और प्रशासनिक अमला बड़ी संख्या में मौजूद रहा।

ग्रामीणों को पहले दी गई थी समझाइश

प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कार्रवाई से पूर्व गांव पहुंचकर ग्रामीणों को परियोजना की आवश्यकता, विस्थापन प्रक्रिया और शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी दी गई थी। अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि परियोजना क्षेत्र में आने वाले भवनों और परिसरों को नियमानुसार खाली कराना आवश्यक है ताकि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

ग्रामीणों को यह भी आश्वस्त किया गया कि शासन द्वारा विस्थापन की पूरी प्रक्रिया नियमानुसार और पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई जाएगी तथा प्रभावित परिवारों को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

संयुक्त टीम ने हटाए शासकीय भवन

निर्देशों के पालन में राजस्व विभाग, पुलिस प्रशासन और जल संसाधन विभाग की संयुक्त टीम ने परियोजना क्षेत्र में स्थित शासकीय भवनों को हटाने की कार्रवाई प्रारंभ की। प्रशासन ने पूरी कार्रवाई को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया। मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे और किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

अधिकारियों ने बताया कि परियोजना क्षेत्र में आने वाले भवनों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विस्थापन की प्रक्रिया सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो।

गांव में किया गया मार्च पास्ट

कार्रवाई के बाद प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने ग्राम सलैया खुर्द में मार्च पास्ट भी किया। इस दौरान ग्रामीणों को मुनादी एवं समझाइश के माध्यम से सूचित किया गया कि आगामी तीन दिनों के भीतर वे अपना सामान निर्धारित विस्थापन स्थलों पर स्थानांतरित कर गांव खाली कर दें।

अधिकारियों ने कहा कि समय रहते विस्थापन की प्रक्रिया पूरी करने से ग्रामीणों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी और परियोजना का कार्य भी निर्धारित समयसीमा में आगे बढ़ सकेगा।

प्रशासन ने मांगा सहयोग

प्रशासन द्वारा ग्रामीणों से सहयोग बनाए रखने और कानून व्यवस्था कायम रखने की अपील की गई। अधिकारियों ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के विकास और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। परियोजना पूर्ण होने के बाद हजारों किसानों को सिंचाई का लाभ मिलेगा, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

प्रशासन ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि विस्थापन के दौरान शासन की ओर से उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी। प्रभावित परिवारों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए संबंधित विभाग लगातार संपर्क में रहेंगे।

विकास और विस्थापन के बीच संतुलन की चुनौती

बंडा बृहद सिंचाई परियोजना को जिले की बड़ी विकास योजनाओं में शामिल माना जा रहा है। परियोजना से जहां एक ओर कृषि क्षेत्र को लाभ मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर प्रभावित गांवों के विस्थापन की प्रक्रिया प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन लगातार संवाद और समझाइश के माध्यम से ग्रामीणों को विश्वास में लेने का प्रयास कर रहा है।

स्थानीय प्रशासन का कहना है कि शासन की मंशा किसी भी परिवार को परेशानी में डालना नहीं, बल्कि सभी प्रभावितों को नियमानुसार सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा करना है।

अधिकारियों की रही मौजूदगी

पूरी कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग, पुलिस प्रशासन और जल संसाधन विभाग का अमला मौके पर मौजूद रहा। अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का लगातार निरीक्षण किया और कार्रवाई को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आगामी दिनों में भी परियोजना से संबंधित कार्यवाही जारी रहेगी और विस्थापन प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से पूरा कराया जाएगा।

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