भोपाल एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा मौत मामला: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोटों का खुलासा, सास बोलीं- ‘सेंसेशन फैलाने के लिए बनाई गई रिपोर्ट’ !

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भोपाल। राजधानी भोपाल में चर्चित एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। अब इस मामले में एम्स भोपाल की शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद विवाद और गहरा गया है। रिपोर्ट में ट्विशा के शरीर पर मल्टीपल चोटों के निशान होने का उल्लेख किया गया है, जिसके बाद मृतका के परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं। वहीं दूसरी ओर ट्विशा की सास और रिटायर्ड जिला जज गिरीबाला सिंह ने रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इसे केवल सनसनी फैलाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

मामले में नया मोड़ तब आया जब यह जानकारी सामने आई कि जिस बेल्ट के जरिए फांसी लगाने की बात कही जा रही थी, उसे पोस्टमार्टम के समय एम्स भोपाल नहीं भेजा गया था। इस चूक के कारण डॉक्टर कथित फांसी के साधन और गर्दन पर मिले निशानों का वैज्ञानिक परीक्षण नहीं कर सके। इस लापरवाही ने पुलिस जांच और पोस्टमार्टम प्रक्रिया दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

8 दिन बाद भी नहीं हुआ अंतिम संस्कार

ट्विशा शर्मा की मौत को आठ दिन बीत चुके हैं, लेकिन परिजन अब तक शव लेने और अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार नहीं हुए हैं। परिवार की मांग है कि मामले की जांच मध्यप्रदेश से बाहर किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए और दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाए।

मृतका के पिता नवनिधि शर्मा ने मीडिया के सामने हाथ जोड़कर बेटी के लिए न्याय की मांग की। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सच्चाई सामने आनी चाहिए।

पुलिस जांच पर उठे सवाल

इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। जानकारी के मुताबिक फांसी में इस्तेमाल की गई बेल्ट पुलिस ने जब्त तो कर ली थी, लेकिन पोस्टमार्टम के समय उसे एम्स भोपाल नहीं भेजा गया। बाद में बेल्ट जांच के लिए सौंपी गई, लेकिन तब तक महत्वपूर्ण फोरेंसिक परीक्षण अधूरे रह गए।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बेल्ट पोस्टमार्टम के समय उपलब्ध होती तो यह स्पष्ट किया जा सकता था कि फांसी उसी बेल्ट से लगाई गई थी या नहीं। साथ ही गर्दन पर मिले निशानों का मिलान भी संभव हो सकता था। बेल्ट पर डीएनए और अन्य जैविक साक्ष्यों की जांच भी की जा सकती थी।

पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत खारिज

मामले में आरोपी बनाए गए पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका भोपाल कोर्ट ने सोमवार को खारिज कर दी। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है।

एसीपी रजनीश कश्यप कौल ने बताया कि आरोपी की तलाश के लिए छह टीमें बनाई गई हैं और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।

मीडिया के सामने फफक पड़ीं सास

जमानत याचिका खारिज होने के बाद पहली बार ट्विशा की सास गिरीबाला सिंह मीडिया के सामने आईं। बातचीत के दौरान वह भावुक होकर रो पड़ीं और कई गंभीर दावे किए।

उन्होंने कहा कि ट्विशा ने अपनी मर्जी से गर्भपात कराया था, जिसके बाद वह अवसाद में रहने लगी थी। उनका कहना था कि वे स्वयं रोज कई घंटे कंज्यूमर फोरम में रहती थीं और बेटा समर्थ सिंह भी कोर्ट में व्यस्त रहता था, इसलिए ट्विशा अधिकतर समय घर में अकेली रहती थी।

उन्होंने यह भी दावा किया कि कई बार ट्विशा की मां को भोपाल आकर बेटी के साथ रहने के लिए कहा गया, लेकिन वे नहीं आईं।

‘खुद शादी का प्रस्ताव लेकर आई थी ट्विशा’

गिरीबाला सिंह ने दावा किया कि ट्विशा स्वयं शादी का प्रस्ताव लेकर उनके घर आई थी। उन्होंने कहा कि शुरुआत में ट्विशा और उसका परिवार संस्कारी लगा, लेकिन बाद में उन्हें लगा कि वह केवल दिखावा कर रही थी क्योंकि वह पहले से ग्लैमर इंडस्ट्री से जुड़ी हुई थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि शादी के कुछ समय बाद उन्हें एहसास हुआ कि ट्विशा किसी नशे की आदी थी। उनका कहना था कि उसके हाथ कांपते थे और वह दिल्ली जाने की जिद करती थी क्योंकि वहां उसे आसानी से गांजा मिल जाता था।

हालांकि, ट्विशा के परिजनों ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।

भाभी ने लगाए गंभीर आरोप

ट्विशा की भाभी राशि शर्मा ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि ट्विशा को दहेज और बच्चे को लेकर लगातार ताने दिए जाते थे।

राशि के मुताबिक ट्विशा ने कई बार बताया था कि उसकी जेठानी को भी ससुराल में प्रताड़ित किया गया था, जिसके कारण उसने घर छोड़ दिया और दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कराया था।

उन्होंने कहा कि ट्विशा अनचाही प्रेग्नेंसी के कारण गर्भपात कराना चाहती थी, लेकिन इस बात को लेकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। परिवार के लोग उससे सवाल करते थे कि वह बच्चा क्यों नहीं चाहती और क्या बच्चा किसी और का है।

राशि ने कहा कि लगातार अपमान और मानसिक दबाव के कारण ट्विशा डिप्रेशन में चली गई थी। उनका कहना है कि यह मामला सामान्य आत्महत्या का नहीं बल्कि संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का है।

सीएम हाउस के बाहर प्रदर्शन

मामले को लेकर ट्विशा के परिजनों और रिश्तेदारों ने भोपाल में सीएम हाउस के बाहर प्रदर्शन भी किया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

परिजन लगातार यह कह रहे हैं कि उन्हें स्थानीय जांच एजेंसियों पर भरोसा नहीं है और मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जानी चाहिए।

पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना मामला

ट्विशा शर्मा की मौत का मामला अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पुलिस जांच में कथित लापरवाही, दहेज प्रताड़ना के आरोप और परिवारों के बीच आरोप-प्रत्यारोप ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।

फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। अब सबकी नजर पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और आरोपी पति की गिरफ्तारी पर टिकी हुई है।

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